सड़क पर समाजवाद, पुलिस के खिलाफ शिवपाल का धरना

लखनऊ | उत्तर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन का असर अब दिखना शुरू हो गया है | दो माह पहले तक जिनके नाम से ही पुलिस और प्रशासन के बड़े बड़े अफसर सहम जाते थे अब वही पुलिस द्वारा सुनवाई न करने पर सड़क पर आ गए हैं | समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव सपा कार्यकर्ताओं के उत्पीडन के खिलाफ अपने ही गृह जनपद इटावा में सड़क पर धरना देने के लिए विवश हो गए |

भाजपा की सत्ता आते ही सपाइयों पर जगह जगह से उत्पीडन की ख़बरें आ रही हैं | इसी तरह इटावा के वेदपुरा थाने में सपा कार्यकर्ता सुधीर को कुछ लोग परेशान कर करते हैं और कई बार मारपीट कर चुके हैं | सुधीर जब थाने पहुंचा तो पुलिस ने उसकी फ़रियाद सुनने की बजाय उसे ही थाने में बिठा लिया | शिवपाल यादव को जब यह खबर लगी तो वह थाणे पहुँच गए और पुलिस के खिलाफ धरने पर बैठ गए |

शिवपाल यादव के धरने पर बैठने की खबर लगते ही कार्यकर्ताओं का जमावड़ा शुरू हो गया | एएसपी रामकिशन यादव भी मौके पर पहुँच गए | शिवपाल यादव का कहना है कि सुधीर को न्याय मिले और कार्यवाही न करने वाले वैदपुरा थानाध्यक्ष और दरोगा को तत्क्जाल निलंबित किया जाये | हालांकि एसएसपी ने जांच के बाद कार्यवाही का भरोसा दिया हैं
इटावा में शिवपाल यादव के धरने पर बैठने की खबर ने प्रदेश भर के सपाइओ को सकते में डाल दिया है | दरअसल शिवपाल यादव को पहले से ही ज़मीन से जुडा नेता माना जाता है और वह कार्यकर्ताओं के लिए संघर्ष करते दिखाई हैं | शिवपाल के सड़क पर कार्यकर्ता के लिए धरना देने से इटावा के कार्यकर्ताओं का भी मनोबल बड़ा है | राजनैतिक विश्लेषको का कहना है कि शिवपाल समाजवाद के प्रतीक हैं |

समाजवाद के सड़क पर आ जाने से शिवपाल ने राजनीति के नए अध्याय के संकेत दे दिए हैं |