एटा से बड़ी खबर, फेसबुक से पांच लोगों के हत्यारे के करीब पहुंची पुलिस !

एटा | एटा के सामूहिक हत्याकांड में अब पुलिस को बड़ा सुराग हाथ लगा है | फेसबुक से पुलिस हत्यारे के पास तक पहुँच गयी है |पांच लोगों की हत्या में जो जहरीला पदार्थ प्रयोग किया गया वह काफी जहरीला था। जब यह सभी लोग बेहोश हो गए, तब उनके गले दबे दबाए गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गले दबाने की तो पुष्टि हुई है, लेकिन मौत का कारण गला दबाना नहीं है। जिंदा रहने पर ही दबाने पर कोई निशान पड़ सकता है। पांच लोगों की मौत की गुत्थी को सुलझाने में पुलिस की टीमें दिन रात काम कर रही हैं। करीब-करीब पुलिस को सफलता मिल ही गई है। दिव्या और बुलबुल के फोनों ने बहुत कुछ आसान कर दिया। सबसे अधिक सहायता फेसबुक के मैसेंजर ने की है।

पिछले तीन दिन से दो टीमें सिर्फ इन्हीं पढ़कर जानकारी जुटा रही हैं। जो जानकारी मिली वह घटना खोलने के लिए पर्याप्त मानी जा है। वहीं दो लोग हिरासत में लिए गए हैं। वह भी पुलिस की जानकारी की पुष्टि कर रहे हैं। पूरे परिवार की फेसबुक को भी पुलिस ने खंगाला है। इसमें कुछ ऐसे तथ्य मिले हैं जो दिव्या को आत्महत्या करने की ओर इशारा कर रहे हैं। इसकी जानकारी नजदीकी लोगों को भी है। यह बता भी बताया जा रहा है। दिव्या काफी समय से वह तनाव में थी। तनाव में बढ़ रहे गुस्से के कारण ही उसने पूरे दिन खाना नहीं खाया था। इस गुत्थी तक पुलिस के हाथ पहुंच गए हैं। बस एक दो दिन में इसका पूरा खुलासा कर दिया जाएगा। इसमें पुलिस यह भी बता देगी कि परिवार में जो कलह थी वह क्या थी। पुलिस की दो टीमें जो प्रदेश से बाहर गई हैं वह अभी लौटी नहीं हैं। इनके पास भी तथ्य बताए जा रहे हैं।

घर में कैसे आया जहर-
पांचों को जहर देने की भी पुष्टि हुई है। एक वर्ष के आरव के होठ और मुंह पर भी जहर मिला है। सूत्रों की मानें तो जो जहर दिया गया है वह सल्फास जैसा ही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो बदबू की बात कही गई है वह लहसुन जैसी दुर्गंध है। इस घटना के लिए तैयारियां कर ली गई थी। सवाल यह है कि आखिर जहर लाकर किसने दिया। लॉकडाउन के चलते घर से निकलना बंद था। ऐसे में वह कौन व्यक्ति था जिसने घर में जहर पहुंचाया।