अलीगढ के चर्चित पर्यावरणविद सुबोध नंदन शर्मा को 10 साल की कैद, ये है पूरा मामला-

अलीगढ | हरदुआगंज तापीय परियोजना (कासिमपुर पावर हाउस) में 31 साल पहले हुए गबन के एक मामले में उस समय हेड कैशियर रहे पर्यावरणविद् सुबोध नंदन शर्मा को अदालत ने 10 साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। सुबोध नंदन शर्मा को शुक्रवार को ही पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

शासकीय अधिवक्ता एडीजीसी क्रिमिनल ठा. गोपाल सिंह राना ने बताया कि 76 वर्षीय सुबोध नंदन शर्मा पर्यावरण पर आधारित पत्रिका हमारी धरती को निकालते हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करते हैं। 1989 में सुबोध नंदन शर्मा कासिमपुर पावर हाउस में हेड कैशियर के पद पर तैनात थे। उन पर 24,541 रुपये सरकारी धन के गबन करने का आरोप लगा था। आरोप था कि उन्होंने इस धन को अपने लिए इस्तेमाल किया। इसके चलते धारा 420, 466, 467, 468 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था।

सन 2015 में निचली अदालत ने उन्हें बरी कर दिया। लेकिन कासिमपुर पावर हाउस की ओर से इस फैसले के खिलाफ सत्र न्यायालय में अपील की गई। मामले की सुनवाई होती रही। अब एडीजे पंचम नरेंद्र सिंह की अदालत ने सुबोध नंदन शर्मा को 10 वर्ष की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।