एक बार फिर शिक्षामित्रों का आगरा, एटा, फिरोजाबाद में जबरदस्त प्रदर्शन

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद योगी सरकार के मानदेय बढ़ाने के बाद आदेश से खफा हुए शिक्षामित्रों ने ए‌क बार फिर सड़क पर उतर कर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रदेश सरकार के इस आदेश को धोखा बता रहे शिक्षामित्रों ने आगरा, फिरोजाबाद और एटा जिलों में गुरुवार को जबरदस्त प्रदर्शन किया।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सहायक शिक्षक पद से हटाए जाने से नाराज शिक्षामित्रों ने लखनऊ में प्रदर्शन कर अपनी आवाज बुलंद की। इससे पहले जिला मुख्यालयों पर जोरदार प्रदर्शन हुए और सरकार ने शिक्षामित्रों के प्रतिनिधि मंडल से वार्ता के बाद उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया। इसी बीच सरकार ने नई भर्ती के आदेश भी जारी कर ‌दिए और फिर शिक्षामित्रों ने अपने आंदोलन को समाप्त कर दिया। हाल ही में प्रदेश कैबिनेट ने अपने एक आदेश में शिक्षामित्रों का वेतन 3500 से 10000 रुपये प्रतिमाह करने की बात कही। सरकार का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार 25 जुलाई को शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द कर दिया गया।

ऐसे में एक अगस्त 2017 से उन्हें 10000 रुपये मानदेय दिया जाएगा। इस पर शिक्षामित्र भड़क गए हैं और उन्होंने सरकार के कदम को एक धोखा बताया। बुधवार को अपने प्रदर्शन में शिक्षामित्रों ने कहा कि उन्होंने सरकार से 30000 रुपये मानदेय की मांग की थी लेकिन ये आदेश तो हमारे लिए भीख के समान है।

गुरुवार को आगरा डायट परिसर में शिक्षामित्रों ने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। इसके बाद यहां से जुलूस के रूप में कलक्ट्रेट के लिए निकले। वहीं अपनी मांगों के समर्थन में नारे भी लगाए।

एटा में शिक्षामित्रों ने अर्धनग्न होकर जीटी रोड पर प्रदर्शन किया। इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ का प्रतीकात्मक पुतला भी फूंका। शिक्षामित्रों के प्रदर्शन को देखते हुए भारी पुलिस बल भी मौजूद रहा। इस दौरान मोदी-योगी मुर्दाबाद के नारे भी लगाए गए।