दीवाली पर दिल्ली में प्रतिबंध के बाद भी जमकर हुई आतिशबाजी

दिवाली में हुए प्रदूषण ने अगली सुबह भी अपना असर दिया है. दिवाली पर हुई आतिशबाजी से शहर में 24 गुना तक प्रदूषण बढ़ गया है. प्रदूषण नियंत्रण कमिटी ने सुबह छह बजे के जो आंकड़े जारी किए हैं उससे साफ होता है कि आतिशबाजी से दिल्ली की हवा बुरी तरह प्रदूषित हुई है. सुबह 6 बजे अलग-अलग जगहों पर प्रदूषण का स्तर अपने सामान्य स्तर से कहीं ज़्यादा ऊपर है, यहां तक कई जगहों पर यह 24 गुना से भी ज्यादा रिकॉर्ड किया जा रहा है.

सुबह 6 बजे के आंकड़ों की बात करें तो पीएम 2.5 का स्तर पीएम 10 से कहीं ज्यादा बढ़ा हुआ है. पीएम 2.5 वह महीन कण हैं जो हमारे फेफड़े के आखिरी सिरे तक पहुंच जाते हैं और कैंसर की वजह भी बन सकते हैं. चिंता की बात यह है कि पीएम 2.5 का स्तर इंडिया गेट जैसे इलाकों में जहां हर रोज सुबह कई लोग आते हैं वहां 15 गुने से भी ज्यादा ऊपर आया है.

इंडिया गेट पर सुबह 6 बजे पीएम 2.5 की मात्रा 911 माइक्रोन है, जबकि सामान्य तौर पर इसे सिर्फ 60 माइक्रोन होना चाहिए. दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमिटी यानी डीपीसीसी के आंकड़ें बताते हैं कि आरके पुरम जैसे पॉश इलाके में पीएम 2.5 की मात्रा 776 माइक्रोन तक है जो कि सामान्य से तकरीबन 13 गुना ज्यादा है. अशोक विहार में पीएम 2.5 की मात्रा 820 माइक्रोन है जो सामान्य से 14 गुना ज्यादा और आनंद विहार में पीएम 2.5 कणों की मात्रा 617 माइक्रोन है जो सामान्य से 10 गुने से भी ज्यादा है. यानी दिल्ली का आप कोई भी हिस्सा ले लें वहां सबसे महीन कण वाले प्रदूषण की मात्रा सामान्य से कहीं ज़्यादा बनी हुई है.

अब बात दूसरे महीन कण यानी पीएम 10 की करें तो इसकी मात्रा आनंद विहार में सामान्य से 24 गुना तक ज्यादा सुबह 6 बजे रिकॉर्ड की गई. पीएम 10 के मानकों पर ध्यान दें तो सामान्य स्तर तकरीबन 100 माइक्रोन माना जाता है लेकिन सुबह 6 बजे आनंद विहार में इसकी मात्रा 2402 माइक्रोन तक पहुंची हुई है. आरके पुरम जैसे पॉश इलाके में पीएम 10 की मात्रा 1083 माइक्रोन है जो लगभग सामान्य से 11 गुना है.वहीं इंडिया गेट पर इसकी मात्रा 985 माइक्रोन और मंदिर मार्ग पर इसकी मात्रा 1046 माइक्रोन रिकॉर्ड की गई जो लगभग 10 गुना ज्यादा है.

कुल मिलाकर पटाखों पर बैन लगाकर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की हवा को प्रदूषण मुक्त करना चाहा था लेकिन दिवाली की अगली सुबह यह बताती है कि प्रदूषण का स्तर सामान्य से कहीं ज़्यादा बना हुआ है. दिल्ली प्रदूषण कंट्रोल कमेटी यानी डीपीसीसी और केंद्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड यानी सीपीसीबी के आंकड़े आज शाम तक आएंगे लेकिन आंकड़े चाहे जो भी हों एक बात तो तय है कि दिवाली की शाम से लेकर अगली सुबह तक प्रदूषण ने लोगों को बहुत परेशान किया है.