दिल्ली: देश के जांबाज हीरो एयर मार्शल अर्जन सिंह को नम आंखों से दी अंतिम विदाई

भारतीय वायुसेना के दिवगंत मार्शल अर्जन सिंह को आज यानि 18 सितंबर को दिल्ली स्थित बरार स्क्वायर में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। मार्शल अर्जन सिंह का पार्थिव शरीर  बरार स्क्ववायर में लाया गया, जहां पर मार्शल अर्जन सिंह को सभी रीति-रिवाजों के साथ अंतिम विदाई दी गई। मार्शल अर्जन सिंह के सम्मान में सभी सरकारी दफ्तरों में फहर रहे तिरंगें झंडों को आधा नीचे उतार दिया गया है। मार्शल अर्जन सिंह को सम्मान देने के लिए 17 बंदूकों की सलामी दी गई और साथ ही अंतिम विदाई प्रक्रिया से पहले एयरफोर्स द्वारा फ्लाई पास्ट भी किया गया। आज पूरे देश ने 1965 युद्ध के हीरो मार्शल अर्जन सिंह को नम आंखों से विदाई दी। धार्मिक रीति-रिवाजों के बाद अर्जन सिंह के बेटे अरविंद सिंह ने उन्हें मुखाग्नि दी।

मार्शल अर्जन सिंह को अंतिम विदाई देने के लिए एयरफोर्स के कई पूर्व और वर्तमान उच्च अधिकारी पहुंचे। इनके अलावा रक्षा केंद्रीय मंत्री निर्मला सितारमन, बीजेपी वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण अडवाणी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी मार्शल अर्जन सिंह को श्रृद्धांजलि देने पहुंचे। भारतीय वायुसेना ने मार्शल अर्जन सिंह के सम्मान में सुखोई फाइटर जेट और एमआई-17वी5 के जरिए फ्लाइ पास्ट किया। मिलिट्री बैंड ने फेयरवेल धुन बजाकर मार्शल अर्जन सिंह को विदाई दी। मार्शल अर्जन सिंह को विदाई देने पहुंचे पूर्व एयर चीफ मार्शल अनिल यशवंत टिपनीस ने कहा कि अर्जन सिंह ने वह एक राष्ट्रीय हीरो थे। तीनों सेनाओं के प्रमुखों सहित हजारों की संख्या में लोगों ने नम आंखों से मार्शल अर्जन सिंह को अंतिम विदाई दी।

बता दें कि अर्जन सिंह ने 1965 में पाकिस्तान के युद्ध में भारत के वायु अभियान का नेतृत्व किया था। पाकिस्तान ने 1965 में भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया था और ऑपरेशन ग्रैंड स्लैम शुरू किया जिसमें उसने अखनूर शहर को निशाना बनाया, तब सिंह ने साहस, प्रतिबद्धता और पेशेवर दक्षता के साथ भारतीय वायु सेना का नेतृत्व किया। मार्शल अर्जन सिंह का शनिवार को नई दिल्ली के आर्मी रिसर्च एंड रेफरल हॉस्पिटल में 98 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था।