कामयाब रही फैरोज़ की रणनीति, DU से NSUI ने किया ABVP का सफाया

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली पर बुधवार को देश की निगाहें टिकी रही | छात्र संघ के चुनाव परिणाम भाजपा और कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा  का सवाल बने हुए थे | कांग्रेस के छात्र संगठन ने जोरदार वापसी करते हुए विद्यार्थी परिषद को करारी शिकस्त दी है | दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ के सभी अहम् पदों पर अब nsui का कब्ज़ा हो गया है | दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनावों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) को बड़ा झटका देते हुए कांग्रेस की स्टूडेंट विंग NSUI ने जोरदार वापसी की है। NSUI ने ABVP के दबदबे को खत्म करते हुए प्रेजिडेंट, वाइस प्रेजिडेंट पद पर कब्जा कर लिया। वहीं ABVP सेक्रेटरी और जॉइंट सेक्रेटरी की सीट बचाने में कामयाब रही। ABVP चार साल से अध्यक्ष पद पर काबिज थी। कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने छात्रसंघ चुनाव में मिली इस जीत को बड़ी जीत करार दिया है।

बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच किंग्सवे कैंप के पास एक सामुदायिक सभागार में दिल्ली विश्विद्यालय छात्र संघ चुनावों (DUSU) के मतों की गिनती हुई। NSUI के रॉकी तूशीद ने अध्यक्ष पद जीतकर ABVP के चार साल के दबदबे को खत्म कर दिया। DUSU अध्यक्ष पद के लिए मुख्य उम्मीदवारों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के रजत चौधरी, NSUI के रॉकी तूशीद, AISA की पारल चौहान, निर्दलीय उम्मीदवार राजा चौधरी और अल्का शामिल थे। मंगलवार को हुए DUSU चुनाव में कुल 43 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। पिछले साल ABVP ने तीन पदों पर जीत दर्ज की थी, जबकि एनएसयूआई ने वापसी करते हुए संयुक्त सचिव का पद अपने नाम किया था। अध्यक्ष पद के लिए कुल 24 उम्मीदवार मैदान में थे। उपाध्यक्ष पद के लिए 10, सचिव के लिए पांच और जॉइंट सेक्रटरी के लिए 5 उम्मीदवर चुनाव लड़ रहे थे। इस बार चुनाव के लिए 40 मॉर्निंग कॉलेजों में ईवीएम लगे थे। इस बार छात्रसंघ के चुनाव में कुल 1.32 लाख छात्रों ने वोट डाला।
एनएसयूआई के  राष्ट्रीय अध्यक्ष फैरोज खान चुनाव में दिन रात एक किये हुए  थे |  विश्लेषक इस जीत को उनकी ही रणनीति का अहम् हिस्सा मान रहे हैं | देशभर में कांग्रेसी और  दलों में विद्यार्थी परिषद् की हार से ख़ुशी का माहौल है |