BJP के अकबर ने किरकिरी कराकर मंत्री पद से दिया इस्तीफा, #Me Too के आरोपों में घिरे हैं एमजे

नई दिल्ली, एएनआइ। मी टू के आरोपों के चलते विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। मी टू के तहत एम जे अकबर पर 16 महिलाओं ने यौन शोषण के आरोप लगाए थे, जबकि 20 महिलाएं इन आरोपों के समर्थन में आईं हैं। पिछले रविवार को विदेश दौरे से लौटने के बाद अकबर ने न सिर्फ इस्तीफा देने से इनकार किया था बल्कि अपने उपर लगे सारे आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया था।

इस्तीफा देने के बाद एम जे अकबर ने मीडिया में अपना लिखित बयान जारी कर अपनी बात कही है। अकबर ने कहा कि वह अपने उपर लगे आरोपों को अदालत में चुनौती दी है। व्यक्तिगत स्तर पर भी इन गलत आरोपों का जवाब देंगे। भारत सरकार की सेवा करने का अवसर देने के लिए उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और सुषमा स्वराज को धन्यवाद देते हुए कहा है कि उनके चलते मुझे देश की सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ जिसका मैं जीवन भर आभारी रहूंगा।

अकबर के इस्तीफे के बाद आया प्रिया रमानी का बयान –
एम जे अकबर के इस्तीफा देने के बाद उन पर सबसे पहले आरोप लगाने वाली प्रिया रमानी ने ट्वीट कर कहा है कि आज मैं एक महिला के रूप में एमजे अकबर के इस्तीफे को सही तरीके से महसूस कर सकती हूं, लेकिन मुझे अभी भी उस दिन की प्रतीक्षा है जब इसके लिए मुझे अदालत से न्याय मिलेगा।, वहीं गजाला वहाब ने कहा कि यह तीन दिन पहले ही हो जाना चाहिए था।