निठारी हत्याकांडः दरिंदो को मिली फांसी की सजा

रोंगटे खड़े कर देने वाले निठारी कांड के आठवें मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने सोमवार को उद्योगपति मनिंदर सिंह पंधेर और उसके नौकर सुरिंदर कोली को फांसी की सजा सुनाई है। 20 वर्षीय पिंकी सरकार के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या के इस मामले में सजा का एलान किया। इसके साथ ही अदालत ने दोनों पर 35-35 हजार का जुर्माना भी लगाया है। कोली और पंधेर दोनों को अदालत ने धारा 302 के तहत फांसी की सजा सुनाई है। फैसला आते ही कोर्ट में मौजूद प‌िंकी के पर‌िजनों में खुशी की लहर दौड़ गई।

इन धाराओं के तहत मिली कोली और पंधेर को सजा सजा
धारा               अपराध       सजा              जुर्माना
302-               हत्या     अंतिम सांस तक      10,000
फांसी पर लटकाए

364-            अपहरण    आजीवन कारावास   10,000
376/511     रेप और     10 साल की सजा     10,000
201        साक्ष्य छिपाना    7 साल की सजा    10,000
– 29 दिसंबर, 2006 : को पुलिस ने निठारी कांड का खुलासा करते हुए नोएडा के सेक्टर-31 की कोठी नंबर डी-5 से सुरेंद्र कोली और मोनिंदर सिंह पंधेर को गिरफ्तार किया था। तब पुलिस ने डी-5 कोठी के पास नाले से दर्जनों बच्चों के कंकाल बरामद किए थे।
– 10 जनवरी 2007 : को सभी मामले सीबीआई को सुपुर्द कर किया गया था। सीबीआई ने कुल 19 एफआईआर में से 16 में आरोप पत्र अदालत में पेश किए। 16 मामलों में से अब तक सुरेंद्र कोली को सात मामलों में हो चुकी है फांसी की सजा।
– 13 फरवरी, 2009 : पहले मामले में सुरेंद्र कोली और मोनिंदर सिंह पंधेर को फांसी की सजा सुनाई। 11 सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पंधेर को बरी कर दिया। जबकि सुरेंद्र कोली की सजा बरकरार रखी। सुप्रीम कोर्ट ने भी 7 जनवरी को सुरेंद्र कोली की सजा को बरकरार रखते हुए उसकी अपील को खारिज कर दिया