अदालत ने भाजपा से निष्कासित विधायक कुलदीप सेंगर को किया बरी, 2019 में सुनाई थी उम्रकैद की सजा

दिल्ली। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्नाव रेप पीड़िता के 2019 दुर्घटना मामले में भाजपा से निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को बरी कर दिया। 2017 में नाबालिग से रेप के एक अलग मामले में सेंगर को 2019 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

उन्नाव के बहुचर्चित माखी दुष्कर्म कांड के बाद पीड़ित के साथ रायबरेली में सड़क हादसे मामले में कुलदीप सेंगर निर्दोष साबित हो गए हैं। अदालत ने पूर्व विधायक को बरी कर दिया है। 2019 में दुष्कर्म पीड़िता, उसके परिवार के सदस्य और वकील एक कार में सवार थे, तभी रायबरेली में तेज गति से आ रहे एक ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी, जिसमें उनके दो रिश्तेदारों की मौत हो गयी और उनके वकील के साथ वह भी गंभीर रूप से घायल हो गई

इसके बाद भाजपा से निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और नौ अन्य के खिलाफ हत्या का एक मामला दर्ज किया गया था। पीड़िता के परिवार ने दुर्घटना के पीछे ‘साजिश’ का आरोप लगाते हुए एक शिकायत दर्ज कराई थी। सेंगर को नाबालिग से दुष्कर्म के जुर्म में उम्रकैद की सजा भी सुनाई गई है।