तब्लीगी जमात मरकज में मिले कोरोना पॉजिटिव, पुलिस को पहले मिल गई थी सूचना तो क्यों की गई खानापूर्ति ?

नई दिल्ली | निजामुद्दीन इलाके में थाने के पीछे स्थित मरकज में बड़ी संख्या में लोगों के एकत्रित होने की सूचना दिल्ली पुलिस को करीब एक सप्ताह पूर्व 23 मार्च को ही मिल गई थी। इसके बाद पुलिस ने आयोजकों से कहा कि लोगों के बीच दूरी बनाकर रखी जाए। पुलिस ने आयोजकों को थाने में बुलाकर उन्हें समझाया और नोटिस भी दिया। इसके बाद 27 मार्च को डब्ल्यूएचओ की टीम पुलिस को लेकर मरकज गई थी, लेकिन काफी देर समझाइश के बाद दरवाजा खोला।

इस दौरान वहां जांच में कोरोना संदिग्ध पाए गए 204 लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती करवाया, जिनमें से 6 लोगों में रविवार को संक्रमण में पुष्टि हुई। इसके बाद 28 मार्च को एसीपी लाजपतनगर ने आयोजकों को फिर से नोटिस भेजा। दिल्ली सरकार को भी जानकारी दी गई। इसके बावजूद दिल्ली सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। दक्षिण-पूर्व जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी का दावा है कि यह सूचना तभी दिल्ली सरकार और एसडीएम को दे दी गई थी।

बताया जा रहा है कि संबंधित एजेंसियों की टीमों ने मौका मुआयना भी किया और डॉक्टरों की टीम भी भेजी गई थीं, परंतु सब खानापूर्ति की गई थी। यहां से लोगों को निकालने के लिए कुछ नहीं किया गया। क्वारंटीन करने के नाम पर लोगों को मरकज में ही बंद कर दिया गया था। अधिकारी दावा कर रहे हैं कि मेडिकल सुविधाएं दी गई थीं। एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जब यहां के लोगों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि ये लोगों को धर्म से अलग करने की साजिश है। कोरोना कुछ भी नहीं है। ये भी कहा जा रहा है कि यहां के एक वरिष्ठ मौलाना कुछ दिन पहले यहां से चले गए थे और वह जाकिर नगर में रहने लगे थे।

डब्ल्यूएचओ की टीम भी पहुंची-
देर शाम निजामुद्दीन मरकज में विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम भी पहुंची। फिलहाल, निजामुद्दीन थाने से लेकर गालिब अकादमी तक के रास्ते को पूरी तरह सील कर दिया गया है। डॉक्टरों के लिए कैंप ऑफिस बना दिए गए।

उठे रहे ये 5 सवाल
. यहां लोगों को एकत्रित क्यों होने दिया गया था?
. पास में थाना होने के बाद भी पुलिस ने क्यों नजर नहीं रखी और जानकारी के बाद भी सख्त कदम क्यों नहीं उठाए?
. मेडिकल सुविधाएं देने के बावजूद लोग कैसे कोरोना की चपेट में आए गए?
. दिल्ली सरकार व एसडीएम ने समय से क्यों कदम नहीं उठाए?
. यहां से देश के हिस्सों में गए लोगों की जानकारी कैसे मिलेगी?