गरीबों-मजदूरों पर कोरोना आपदा बनी कहर, दिल्ली-गाजियाबाद से पैदल ही घरों की ओर निकल पड़े लोग

नई दिल्ली | #कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए देशभर में जारी 21 दिन के संपूर्ण लॉकडाउन के बीच दिल्ली-एनसीआर के शहरों में रहने वाले गरीब, मजदूर और प्रवासी लोग किसी भी तरह हर हाल में अपने घरों तक पहुंचना चाहते हैं। इसके लिए #यातायात का साधन न मिलने पर लोग पैदल ही घरों की ओर निकल पड़े हैं और दिन-रात चलकर अपनी मंजिल की ओर बढ़ते दिख रहे हैं। ऐसा ही नजारा दिल्ली-एनसीआर के तमाम इलाकों में देखा जा सकता है। जब से लॉकडाउन की घोषणा हुई है यहां रह रहे लोग किसी भी तरह जल्द से जल्द अपने घरों तक पहुंचना चाहते हैं।

कोरोना लॉकडाउन के कारण #परिवहन सेवाओं के अभाव में शुक्रवार शाम #दिल्ली-यूपी सीमा के पास गाजीपुर में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में अपने घरों की ओर पैदल जाने वालों की भारी भीड़ के चलते में सड़कें पूरी तरह भरी दिखीं। इस हुजूम में बच्चे, बूढ़े, महिलाएं और जवान सभी शामिल हैं। जिस सड़क पर पैदल चलता इंसान शायद ही कभी दिखता हो आज वहां चारों ओर सिर्फ पैदल चलते यात्री ही दिख रहे हैं।

हालांकि, आज दिल्ली के #मुख्यमंत्री अरविंद #केजरीवाल ने कहा कि जितने भी लोग दिल्ली छोड़कर अपने राज्यों में वापस जा रहे हैं उनसे मेरी अपील है कि वे शहर छोड़कर न जाएं। हम आप सब के लिए जगह-जगह खाने का इंतजाम कर रहे हैं। आपको किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं होने देंगे। दिल्ली के आनंद विहार और #गाजियाबाद के #कौशांबी बसअड्डे पर भी बसों के इंतजार में घर जाने वाले लोगों की भारी भीड़ देखी गई। हालांकि, यहां से बस नहीं जा रहीं। बस लाल कुआं से ही जा रही हैं। फिर भी लोग इस उम्मीद में यहां पहुंच रहे हैं कि शायद उन्हें कोई बस मिल जाए।

गृह #मंत्रालय ने पलायन पर जताई चिंता-
गौरतलब है कि कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए देश में लागू लॉकडाउन में प्रवासी कामगारों, मजदूरों का पलायन जारी है। कोई पैदल जा रहा है तो कोई किसी दूसरे से लिफ्ट लेकर अपने घरों की ओर लौट रहे हैं। इस बीच केंद्र सरकार ने लॉकडाउन के दौरान बड़े पैमाने पर हो रहे इस पलायन को रोकने के लिए राज्य सरकारों को एडवाइजरी जारी की है। गृह #मंत्रालय ने राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को एडवाइजरी जारी कर बड़े पैमाने पर प्रवासियों, खेतिहर और औद्योगिक मजदूरों तथा असंगठित क्षेत्र के कामगारों का पलायन रोकने को कहा है।

केंद्र सरकार की ओर से राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों को सलाह दी गई है कि वे इन समूहों को मुफ्त अनाज और अन्य जरूरी चीजों के बारे में जानकारी दें जिससे बड़े पैमाने पर पलायन को रोका जा सके। साथ ही गृह मंत्रालय ने राज्यों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में लॉकडाउन के दौरान होटल, हॉस्टल, किराये के आवास चलते रहें और उन्हें जरूरी सामान की आपूर्ति होती रहे।