हरियाणा चुनाव : चार सीटों पर 54 प्रत्याशी के बीच मुकाबला

जिले में विधानसभा चुनाव में रण में 54 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला होगा। सोमवार को नामांकन पत्रों की जांच के बाद प्रत्याशियों को चुनाव-चिन्ह आवंटित कर दिए गए। विधानसभा चुनावों के लिए चार सीटों पर कुल 85 नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। नामांकन पत्रों की जांच के बाद कुल 75 नामांकन सही पाए गए थे, जांच में 10 नामांकन पत्रों को खारिज कर दिया गया था। नामांकन पत्रों की जांच वाले दिन ही दो प्रत्याशियों नाम वापस भी ले लिए थे, और शनिवार को कुल प्रत्याशियों की संख्या 73 रह गई थी। सोमवार को नाम वापसी वाले दिन 19 अन्य प्रत्याशियों ने नाम वापस ले लिए। ऐसे में चार सीटों पर कुल प्रत्याशियों की संख्या 54 रह गई।

जिले की चार विधानसभा क्षेत्रों गुरुग्राम विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक प्रत्याशी चुनाव मैदान में होंगे। गुरुग्राम में 16 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होगा तो वहीं बादशाहपुर में 15, सोहना विधानसभा क्षेत्र में 12 और पटौदी में 11 उम्मीदवारों के बीच चुनावी जंग होगी। चारों सीटों पर 21 अक्तूबर को वोट डाले जाएंगे। 24 अक्तूबर को मतों की गिनती होगी। पिछली बार भी सबसे ज्यादा उम्मीदवार गुरुग्राम सीट पर लड़े थे।

गुरुग्राम सीट पर भाजपा उम्मीदवार के लिए चुनौती बनी मौजूदा विधायक उमेश अग्रवाल की पत्नी अनीता अग्रवाल ने सोमवार के नाम वापस ले लिया। इसी प्रकार, वार्ड-15 से पार्षद एवं कांग्रेस नेता सीमा पाहुजा ने भी नामांकन पत्र वापस ले लिया। गुरुग्राम विधानसभा से कुल सात उम्मीदवारों ने अपने नामाकंन पत्र वापस लिए, जबकि चार नामांकन पत्र निरस्त कर हो गए थे। नाम वापसी में अनीता और सीमा का नाम प्रमुख रहा। इसी तरह बादशाहपुर सीट से दो उम्मीदवारों ने अपने पर्चे वापस लिए और दो के पर्चे रद्द हो गए। सबसे अधिक पटौदी सीट पर दावेदारी ठोकने वाले नौ उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र वापस लिए हैं। इस सीट पर एक नामांकन पत्र खारिज हुआ है। वहीं सोहना में तीन नाम वापस हुए तो तीन के नामांकत्र खारिज हो गए। 27 सितंबर को शुरू नामांकन प्रक्रिया में 4 अक्तूबर तक पटौदी में 21, बादशाहपुर में 19, गुरुग्राम में 27 और सोहना में 18 नामांकन पत्र भरे गए थे।

कांग्रेस नेता यशपाल बत्रा के बाद वार्ड-15 से पार्षद सीमा पाहुजा भी कांग्रेस को अलविदा कह सकती हैं। सोमवार को लघु सचिवालय में उनके नामांकन पत्र वापस लेने के बाद उनके भाजपा में शामिल होने की चर्चा गर्म रही, पाहुजा गुरुग्राम विधानसभा क्षेत्र से टिकट मांग रही थीं, हालांकि पार्टी ने पूर्व मंत्री सुखबीर कटारिया पर भरोसा जताया और उन्हें मैदान में उतारा। 2014 के चुनाव में कटारिया निर्दलीय चुनाव लड़े थे। तब कांग्रेस ने पूर्व विधायक धर्मबीर गाबा को चुनाव मैदान में उतारा था। कटारिया पहली बार कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। पाहुजा के अलावा कांग्रेस से टिकट की दौड़ राष्ट्रीय सचिव आशीष दुआ भी थे।