योगी ने तोड़ी छात्रों की उम्मीदें, अलीगढ को नहीं दिया विश्वविद्यालय

अलीगढ | गत सोमवार को जब यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अलीगढ आने का कार्यक्रम लगा तो मंडल के छात्रों में आगरा यूनिवर्सिटी से मुक्ति मिलने की नई उम्मीद जाग गयी | उम्मीद इसलिए भी प्रबल थी कि भाजपा के सभी प्रत्याशियो ने चुनाव के दौरान अलीगढ में यूनिवर्सिटी का वायदा किया था और जैसे ही सीएम योगी का कार्यक्रम लगा तो जीते सभी विधायकों ने यूनिवर्सिटी के मुद्दे को पूरा कराने के दावे भी किये | सोमवार का इन्तजार खत्म हुआ, मुख्यमंत्री आये , कार्यक्रंम भी संपन्न हुआ लेकिन शाम होते होते लोगों में यही सवाल रहा कि क्या योगी जी यूनिवर्सिटी दे गए ?

छात्रों और युवाओं  में सबसे ज्यादा ख़ुशी योगी के आने पर यूनिवर्सिटी मिलने को लेकर थी लेकिन जब अलीगढ से सीएम के जाने के बाद मालूम हुआ कि यूनिवर्सिटी नहीं मिली तो छात्रों में मायूसी छा गयी | सीएम योगी से छात्रों को यूनिवर्सिटी की उम्मीदें थी लेकिन सीएम ने उनकी उम्मीदों को तोड़ दिया | सोशल मीडिया पर लम्बी चौड़ी फैंक रहे भाजपा समर्थित छात्र नेता भी शर्मिंदगी के कारण यूनिवर्सिटी के न मिलने के बाद से सोशल मीडिया से दूर हो गए हैं | इतना जरुर है कि कल तक सत्ता में रहकर भी यूनिवर्सिटी न बनबाने वाले सपाई सोशल मीडिया पर योगी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं | डीएस कालेज के विधि छात्र शुभम सिंह कहते हैं कि सीएम से यूनिवर्सिटी की उम्मीदें थी लेकिन उन्होंने नहीं दिया | छात्रों में निराशा है | वहीँ वार्ष्णेय कालेज के छात्र अनुज तिवारी कहते हैं कि भाजपा को इसलिए वोट दिया था कि अलीगढ में यूनिवर्सिटी बनेगी लेकिन योगी जी ने निराश किया है | भाजपा सरकार में यूनिवर्सिटी न बन सकी तो फिर कभी नहीं बन सकेगी |

हाँ इतना जरुर रहा कि जिले में सिर्फ छात्रों के मुद्दे को प्राथमिकता तौर सिर्फ बरौली से भाजपा विधायक दलवीर सिंह ने रखा और यूनिवर्सिटी की स्थापना को लेकर सीएम को मांग पत्र सौंपा | सीएम योगी के जाने के बाद से अब सवाल यही है कि क्या भाजपा अलीगढ को यूनिवर्सिटी दे पायेगी ?