केदारनाथ में फंसे CM योगी आदित्यनाथ, हो रही भारी बर्फ़बारी

देहरादून | आज से केदारनाथ धाम के कपाट बंद हो रहे हैं। कपाट बंद होने से पहले केदारनाथ में जोरदार बर्फ़बारी हुई है। इससे बाबा के दर्शन करने पहुंचे उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद सिंह रावत केदारनाथ में ही फंसे हुए हैं। बताया जा रहा है कि दोनों सीएम को कपाट बंद होते ही बद्रीनाथ जाना था लेकिन इस बर्फ़बारी की वजह से हेलीकॉप्टर का उड़ना संभव नहीं हो सका।

गौरतलब है कि उत्तराखंड के कई इलाकों में आज भारी बर्फबारी हो रही है। इसमें गंगोत्री धाम भी शामिल है। गंगोत्री के कपाट बंद होते ही अचानक मौसम बदला गया और बर्फबारी शुरू हो गई।केदारनाथ धाम के कपाट बर्फबारी के बीच शीतकाल के लिए सुबह 8.30 बजे विधि-विधान के साथ बंद किये गये हैं।इसके बाद बाबा केदार पंचमुखी भोगमूर्ति चल विग्रह डोली में विराजमान होते हुए शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंचे।

इसके बाद बाबा केदार अब ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में छह माह की पूजा-अर्चना के लिए विराजमान हो जाएंगे। वहीं, भैयादूज के पावन पर्व पर विश्व प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम के कपाट भी आज वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ही शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। शीतकाल में छह माह तक मां यमुना के दर्शन उनके शीतकालीन प्रवास खुशीमठ (खरसाली) में कर सकेंगे। भारी बर्फ़बारी के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी केदारनाथ में ही फंसे हैं। उनके साथ उत्तराखंड के सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत भी फंसे हुए हैं। दोनों मुख्यमंत्रियों को कपाट बंद होते ही 8:30 पर बद्रीनाथ के लिए उड़ना था। इस बर्फबारी में हेलीकॉप्टर का उड़ना संभव नहीं है। इसलिए मौसम सही होने का इंतजार किया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश पर्यटक आवास गृह का शिलान्यास
सीएम योगी को बद्रीनाथ में उत्तर प्रदेश पर्यटक आवास गृह का शिलान्यास करना था। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से चमोली जिले के तहसील जोशीमठ में स्थित श्री बद्रीनाथ धाम में एक एकड़ की जमीन पर 40 कमरों के पर्यटक आवास गृह का निर्माण कराया जा रहा है। इसमें करीब 11 करोड़ रूपये की लागत लग रही है। इस आवास गृह में 40 कमरों के साथ रेस्टोरेंट, कांफ्रेंस हाल, डारमेट्री और पार्किंग की सुविधा भी मिलेगी। इस भवन का निर्माण गढ़वाल (उत्तराखंड) शैली के आर्किटेक्चर और ग्रीन बिल्डिंग के रूप में कराया जा रहा है। यह करीब दो साल में बनकर तैयार होगा। इसके बाद उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों और विदेशों से आने वाल पर्यटक ठहर सकेंगे।