सीएम फड़नवीस ने की बात तो मान गए बागी सिन्हा, किसानों को 5 हजार करोड़ का फायदा

मुंबई। किसानों के मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ बागी तेवर अपनानेवाले भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने अपना आंदोलन वापस ले लिया है। बुधवार को सीएम देवेंद्र फडणवीस से फोन पर सिन्हा से बातचीत की। सीएम ने सभी मांग मान लेने का आश्वासन दिया है, इसके बाद सिन्हा ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की।

सिन्हा ने कहा कि सीएम ने भले ही मांगें मान ली हैं लेकिन इस आंदोलन को वे जीत-पराजय के रूप में नहीं देखते। यह दुखी लोगों की विजय है। इसका फायदा सभी किसानों को मिलेगा। उन्होंने किसानों से अपील कि वे आत्महत्या न करे। किसान कमजोर न बनें। कोई समस्या आए तो किसान जागरण मंच से संपर्क करें। सिन्हा के मुताबिक जिलाधिकारी के माध्यम से सीएम फडणवीस से फोन पर बात हुई। करीब 11 बजे के करीब सीएम का फोन आया था। अच्छी बातचीत हुई। सीएम ने सभी मांगें मान ली हैं। अकोला के आंदोलन से मिली विजय से राज्य के किसानों को लाभ मिलेगा। इस आंदोलन के माध्यम से किसानों को 5 हजार करोड़ रुपए का फायदा मिलेगा।

कौन सी मांगे हुई स्वीकार
कर्ज माफी की राशि 15 जनवरी तक पात्र किसानों के खाते में जमा की जाएगी। बिजली बिल भरनेवाले किसानों का कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। कपास कली का महीने के आखिरतक सर्वेक्षण और पंचनामा होगा। मंूग, उड़द, अरहर खरीदी शर्ते कम की जाएंगी और नाफेड पूरी उपज खरीदी करेगा। कुछ शर्तो के आधार पर यदि किसान ने समर्थन मूल्य से कम दर पर उपज बेची है तो उन्हें प्रति कुंतल 1250 रुपए राशि मिलेगी।

क्या है मामला
पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने सोमवार को अकोला में किसानों की समस्याओं को लेकर निकाले गए मोर्चे का नेतृत्व किया था। कलेक्टर को ज्ञापन देने पहुंचे सिन्हा सहित 250 किसानों को अकोला पुलिस ने हिरासत में ले लिया। देर रात उन्हें रिहा कर दिया लेकिन वे इस बात पर अड़ गए कि जब तक मांगें मान ली नहीं जाती, वे वहां से नहीं हिलेंगे। वे अकोला पुलिस मुख्यालय मैदान में धरने पर बैठ गए थे। इसके आगे उन्होंने आमरण अनशन पर बैठने की धमकी दी थी।