EVM का Demo देने के बाद चुनाव आयोग ने कहा, सवाल उठाने वालों ने कोई सबूत नहीं दिए

नई दिल्ली। EVM को लेकर उपजे विवाद के चलते आखिरकार चुनाव आयोग ने इससे जुड़ी शंकाओं के निराकरण के लिए ईवीएम और वीवीपीएटी का डेमो दिया. इस कार्यक्रम में राजनीतिक दलों को आमंत्रित नहीं किया गया है. इस मौके पर बोले हुए मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त(सीईसी) नसीम जैदी ने कहा कि हालिया पांच राज्‍यों के चुनावों के बाद इस संबंध में कई शिकायतें एवं सुझाव मिले हैं लेकिन कमीशन को कोई सबूत नहीं दिया गया है. इसके साथ ही नसीम जैदी ने कहा कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ संभव नहीं है. इसके साथ ही सीईसी ने कहा कि शंकाओं के निराकरण के लिए 2019 के आम चुनावों से हर मतदाता को वीवीपीएटी उपलब्‍ध कराई जाएगी. ऐसा करने वाला भारत पूरी दुनिया का अकेला मुल्‍क होगा.

उल्‍लेखनीय है कि इससे पहले 2009 में ऐसा ही डेमो निर्वाचन आयोग दे चुका है. उस वक्‍त भी दलों ने ईवीएम के साथ छेड़छाड़ का मसला उठाया था. शनिवार को निर्वाचन आयोग इस कार्यक्रम में ईवीएम की विश्वसनीयता को लेकर विपक्षी पार्टियों की चिंताओं को दूर करने के लिए ईवीएम को हैक करने की चुनौती के समाधान यानी ईवीएम हैकाथॉन की तारीखों की घोषणा भी करेगा. गत 12 मई को एक सर्वदलीय बैठक के बाद निर्वाचन आयोग ने घोषणा की थी कि वह विपक्षी पार्टियों की ईवीएम को हैक करके दिखाने की चुनौती को स्वीकार करेगा. विपक्षी पार्टियों ने शंका जताई है कि फरवरी-मार्च में हुए विधानसभा चुनावों में ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की गई थी. आयोग ने यह भी घोषणा की थी कि भविष्य में होने वाले सभी चुनाव वीवीपैट मशीनों के साथ होंगे. वीवीपैट मशीन से एक पर्ची निकलती है, जिससे मतदाता को मालूम पड़ता है कि उसने जिस उम्मीदवार के पक्ष में ईवीएम का बटन दबाया, उसका वोट उसी को गया.

कई विपक्षी पार्टियों ने हालिया विधानसभा चुनावों के दौरान ईवीएम से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है, लेकिन आयोग ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है. बहुजन समाज पार्टी, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी तथा तृणमूल कांग्रेस ने सर्वदलीय बैठक के दौरान ईवीएम में धांधली पर चिंता जताई थी. यह डेमो करीब दो घंटे का होगा और इसके अलावा दिल्‍ली के विज्ञान भवन में चुनाव आयोग की एक प्रेस कांफ्रेंस भी आयोजित होगी. ईवीएम से छेड़छाड़ के मामले में अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी सबसे मुखर रही है. पार्टी ने आरोप लगाया है कि हालिया विधानसभा और एमसीडी चुनावों में ईवीएम के जरिये धांधली हुई और मतदाता ने चाहे जिस पार्टी को वोट दिया हो लेकिन वोट बीजेपी के पक्ष में ही गया है. इस संबंध में पिछले महीने दिल्‍ली विधानसभा में आप ने ईवीएम की तरह की एक मशीन का डेमो दिया था जिसको हैक कर उसके कोड में बदलाव कर यह बताने की कोशिश की गई थी ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है. उसका जवाब देते हुए चुनाव आयोग ने कहा था कि वह इस तरह की एक मशीन थी लेकिन ईवीएम नहीं थी क्‍योंकि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ मुमकिन नहीं है.