भीम आर्मी के नेता चन्द्रशेखर ने मांगी बंदूकें, कहा- ‘हम खुद करेंगे रक्षा’

नई दिल्ली। यूपी के हाथरस में युवती के साथ कथित रेप व हत्या के मामले में दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे भीम आर्मी के प्रमुख चन्द्रशेखर आजाद ने ‘राइट टू लाइफ’ का तर्क देते हुए, दलित समुदाय के लिए बंदूकों की मांग की है। चन्द्रशेखर ने कहा कि हमारे संविधान में प्रत्येक नागरिक को जीने का अधिकार दिया गया है। इस अधिकार में खुद की रक्षा करना भी शामिल है।

भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने ट्विटर पर कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को जीने का अधिकार प्रदान करता है, जिसमें खुद का बचाव करने का अधिकार शामिल है। उन्होंने कहा, ‘हमारी मांग है कि देश के 20 लाख बहुजनों को तुरंत बंदूक लाइसेंस दिए जाएं। सरकार को बंदूक खरीदने के लिए हमें 50% सब्सिडी प्रदान करनी चाहिए। हम अपना बचाव खुद करेंगे। बंदूक लाइसेंस की मांग करते हुए, दलित कार्यकर्ता सूरज येंगड़े ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) नियम, 1995 का हवाला दिया, जो राज्य सरकार को व्यक्ति और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हथियार लाइसेंस प्रदान करने का अधिकार देता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आजाद की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, कांग्रेस के प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने कहा, ‘मेरा मानना ​​है कि गांधीवादी दर्शन से रास्ता तय करना है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी के नेता और सांसद राकेश सिन्हा ने कहा, ‘भारतीय संविधान और हमारी लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार नागरिकों के संरक्षण के लिए विवेकपूर्ण और प्रभावी रूप से प्रतिबद्ध है। ऐसे सुझाव और मांगें (बंदूकों के लिए) हास्यास्पद रूप से सिर्फ नौटंकी के लिए तैयार की जाती हैं’।