क्यो संदेश दिया जाता है कि मुस्लिमों का कोई खेवनहार है तो वह सिर्फ ओवैसी ही है ? आंखें खोल देगा वसीम अकरम त्यागी का यह आर्टिकल-

ग्रेटर हैदराबाद म्यूनिसिपल काॅर्पोरेशन (GHMC) के चुनाव में भाजपा ने अपने स्टार नेता प्रचार में उतारे हुए हैं। दिलचस्प यह है कि जीएचएमसी में BJP ने पिछली बार सिर्फ चार सीट ही जीती थीं, जबकि TRS ने 99 और AIMIM ने 44 सीट जीतीं थीं। लेकिन इस बार भाजपा एंव मीडिया का गठजोड़ इस चुनाव को AIMIM बनाम भाजपा बना रहा है, जानते हो क्यो ? यहां से अब मीडिया और भाजपा की सियासत को समझिए। भाजपा चाहती है…

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..तो क्या असदउद्दीन ओवैसी AIMIM को बंद कर सियासत छोड़ दें !

गत दिनों आये बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद देश मे भाजपा विरोधी दलों की सियासत को बड़ा झटका लगा है | पश्चिम बंगाल और यूपी के आम चुनाव से पहले बिहार में भाजपा की हार की आस लगाए बैठे राजनैतिक दल बिहार में फिर एनडीए की जीत को पचा नहीं पा रहे हैं | हालाँकि, एनडीए कुछ सीटों पर बहुत कम वोट से जीता है, जिसको पावर और पैसे के दम पर जीतना राजद, कांग्रेस सहित अन्य…

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प्रत्येक नागरिक को जरूर पढ़ना चाहिए ध्रुव गुप्त का यह आर्टिकल- इंदिरा जैसा कोई नहीं !

देश की राजनीति में पहली बार पुरूष वर्चस्व को चुनौती, निजी बैंकों और कोयला खदानों का राष्ट्रीयकरण, राजाओं के प्रिवी पर्स की समाप्ति, चीन के मुखर विरोध के बावजूद सिक्किम का भारतीय गणराज्य में विलय, पाकिस्तान के टुकड़े कर एक नए देश बांग्लादेश का निर्माण, भारतीय सेना के आगे लगभग एक लाख पाकिस्तानी सैनिकों का ऐतिहासिक आत्मसमर्पण, कश्मीर मुद्दे का अंतर्राष्ट्रीयकरण रोकने के लिए पाकिस्तान के साथ अपनी शर्तों पर शिमला समझौता, विश्व भर के विरोध और प्रतिबंधों की…

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पढ़िए ध्रुव गुप्त का यह आर्टिकल- राफेल की गर्जना सुनकर पाकिस्तान थर-थर कांपने लगा है..

मीडिया वाला राफेल ! ध्रुव गुप्त- फ्रांस से पांच राफेल आ गए। उनकी गड़गड़ाहट पर भारत के ज्यादातर न्यूज चैनल लहालोट हैं। उन्हें पता है कि राफेल की गर्जना सुनकर पाकिस्तान थर-थर कांपने लगा है। इमरान और बाजवा छिपने के सुरक्षित ठिकाने की खोज में हैं। जिनपिंग अपना देश छोड़कर कहीं और भाग जाएगा। राफेल के बारे में जितना भारतीय न्यूज एंकरों को पता है उतना शायद राफेल के निर्माताओं को भी नहीं है। वे एंकर जल्दी ही दुनिया…

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अमजद खान की पुण्यतिथि पर पढ़िए ध्रुव गुप्त का आर्टिकल- एक था गब्बर !

ध्रुव गुप्त- कोई अभिनेता किसी एक फिल्म से भी अमरत्व हासिल कर सकता है, हिंदी सिनेमा में इसका सबसे बड़ा उदाहरण मरहूम अभिनेता अमजद खान हैं। वैसे तो अमजद ने दर्जनों फिल्मों में खलनायक, सहनायक, चरित्र अभिनेता की विविध भूमिकाएं की, लेकिन याद उन्हें उनकी पहली फिल्म ‘शोले’ में गब्बर सिंह की भूमिका के लिए ही किया जाता है। हिंदी सिनेमा के दर्शकों ने किसी डाकू का इतना खूंखार, भयावह और नृशंस चरित्र न पहले देखा था और न…

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पढ़िए गोपालदास नीरज की पुण्यतिथि पर ध्रुव गुप्त का आर्टिकल- ऐ भाई, ज़रा देख के चलो !

स्व. गोपाल दास नीरज जी को उनके छंदबद्ध गीतों के लिए ही जाना जाता है, लेकिन विचित्र तथ्य यह भी है कि हिंदी सिनेमा में छंदमुक्त गीतों के प्रवर्तक भी वही थे। वह पहला छंदमुक्त गीत था राज कपूर की फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ का। राज जी को सर्कस के विदूषक की अपनी भूमिका में गाने के लिए कोई एक गीत चाहिए था जिसमें रफ़्तार भी हो, उदासी भी और जीवन-दर्शन भी। गीत की रचना के लिए बैठक जमी…

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पढ़िए विकास दुबे एनकाउंटर पर ध्रुव गुप्त का आर्टिकल- ख़ुश SP-BSP और BJP के असंख्य छोटे-बड़े नेता और जयचंद पुलिसकर्मी भी होंगे जिन्हें…

अंततः विकास दुबे कानपुर वाला कानपुर में पुलिस के हाथों मारा गया। अब इस विवादास्पद एनकाउंटर पर जमकर राजनीति भी होगी और चौतरफ़ा मुकदमेबाजी भी। हां, इतना ज़रूर है कि इस मुठभेड़ से दुबे के हाथों मारे गए सभी आठ पुलिसकर्मियों के स्वजनों-परिजनों को थोड़ी-बहुत शांति मिली होगी। खुशी उन लोगों को भी होगी जिन्होंने दुबे के तीन दशकों के आपराधिक जीवन में किसी न किसी रूप में यातनाएं झेली हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस प्रसन्न होगी कि इस मुठभेड़…

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पढ़िए डॉ संजय अवस्थी का यह आर्टिकल- ‘कोविड-2019 और विज्ञान आज तक’

दिसम्बर 2019 का अंत हो रहा था, विश्व क्रिसमस का पर्व मना रहा था, तब दबे पांव खबरें चीन के वुहान से आने लगीं कि सार्स कोरोना वायरस के नए रूप ने मानव जाति पर हमला किया है। तब किसी ने नहीं सोचा था कि यह अत्यंत सूक्ष्म दैत्य, सम्पूर्ण विश्व को इतने शीघ्र, अपने जबड़ों में जकड़ लेगा। इस आलेख में हम आजतक, विज्ञान के इस महामारी के ज्ञान एवं इसके बचाव एवं इलाज हेतु सक्षमता पर चर्चा…

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भलो भयो विधि ना दिए शेषनाग के कान, धरा मेरू सब डोलते तानसेन की तान ! पढ़िए ध्रुव गुप्त का यह आर्टिकल-

संगीत सम्राट तानसेन भारतीय शास्त्रीय संगीत के शिखर पुरुषों में एक रहे हैं। ग्वालियर के हजरत मुहम्मद गौस और वृंदावन के स्वामी हरिदास के शिष्य तानसेन सम्राट अकबर के दरबारी गायक और उनके नवरत्नों में से एक थे उनकी गायन प्रतिभा के बारे में ‘आईने अकबरी’ में इतिहासकार अबुल फज़ल ने कहा है – ‘पिछले एक हज़ार सालों में उनके जैसा गायक नहीं हुआ।’ उनके गहरे मित्र और भक्त कवि सूरदास ने उनके बारे में लिखा है – भलो…

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राहुल गांधी पर देश के प्रत्येक नागरिक की आंखें खोल देगा पूर्व IPS ध्रुव गुप्त का यह आर्टिकल- आप राजनीति के लिए नहीं बने हैं !

झूठ नहीं बोलूंगा राहुल जी, आपमें इस देश का प्रधानमंत्री या किसी प्रदेश का मुख्यमंत्री तो क्या, किसी पंचायत का मुखिया बनने की भी योग्यता फिलहाल नहीं है। इन कुर्सियों तक पहुंचने के लिए जैसी लफ्फाजी, धूर्तता और झूठ-फरेब की दरकार होती है, वह आपमें सिरे से गायब है। आज की विद्रूप राजनीति में आप जैसे भावुक, संवेदनशील लोगों की जगह बिल्कुल नहीं बनती। विपक्षियों की तो छोड़िए, भ्रष्ट और अवसरवादी लोगों से भरी आपकी अपनी कांग्रेस भी आपके…

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