भारतीय रंग में रंगे कनाडा के PM, स्‍वर्ण मंदिर पहुंचकर बोले- ‘हम अनुग्रहीत और विनम्र महसूस कर रहे हैं’

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो एक सप्ताह के भारत दौरे पर हैं। और अपने दौरे के दौरान ‘भारतीय रंग-ढंग में रंगने’ के कारण वो लगातार सुर्खियों में हैं। पहले ताजमहल और साबरमती आश्रम के दौरे के बाद बुधवार को ट्रूडो अपने परिवार के साथ अमृतसर के स्वर्ण मंदिर पहुंचे। एयरपोर्ट पर ट्रूडो के स्वागत के लिए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिंधू मौज़ूद थे। ट्रूडो की इस यात्रा के राजनीतिक मायने भी हैं।
अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में दर्शन करने के बाद ट्रूडो ने विजिटर्स बुक में अपने विचार लिखे। ट्रूडो ने पवित्र स्थान के दर्शन अपनी पत्नी और बच्चों के साथ किए। इस दौरान उनके साथ नवजोत सिंह सिद्धू भी मौज़ूद थे। इसके बाद उन्होंने लिखा, ‘इतने सुंदर और सार्थक जगह पर हमें इतना अच्छा सम्मान मिला। हम अनुग्रहित और विनम्र महसूस कर रहे हैं।

‘गौरतलब है कि कनाडा में मौज़ूद पांच लाख सिक्ख-कनाडाई लोगों को ट्रूडो के स्वर्ण मंदिर जाने से खुशी मिलेगी।इससे पहले मंगलवार को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि भारत और उनके देश के रिश्ते न सिर्फ राजनीतिक मोर्चे पर आगे बढ़ेंगे बल्कि अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी संबंध मजबूत होंगे। मुंबई की यात्रा पर पहुंचे ट्रूडो ने कहा, ‘यह यात्रा (भारत और कनाडा के बीच) करीबी रिश्ते और अतुलनीय अवसरों से जुड़ी है। यह यात्रा हाथ मिलाने और तस्वीरें खिंचवाने के मौकों के लिए नहीं है।’ आईसीआईसीआई बैंक की प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी चंदा कोचर से बातचीत के दौरान कनाडाई प्रधानमंत्री ने यह टिप्पणी की।

बता दें कि ट्रूडो को कथित रूप से खालिस्तानियों का समर्थक कहा जाता है। उन्होंने सिख अलगाववादी आंदोलन में शामिल लोगों को अपनी कैबिनेट में मंत्री बनाया था इससे मामला और बिगड़ गया। ट्रूडो की कैबिनेट में फिलहाल चार सिख मंत्री हैं। इसमें हरजीत सज्जन, अमरजीत सोही, नवदीप बैंस, बर्दिश छागर शामिल हैं। सोही ने हाल ही में कहा था कि वह खालिस्तान आंदोलन के न तो खिलाफ हैं और न समर्थन में। ट्रूडो ने कनाडा में खालसा डे परेड में भी हिस्सा लिया था, जिसमें खालिस्तान समर्थकों के जुटने की रपटें आती रही हैं। भारत नहीं चाहता था कि ट्रूडो इस इवेंट में जाएं, लेकिन ट्रूडो वहां गए थे।
-एजेंसी