यूपी चुनाव: पहले चरण का थमा चुनाव प्रचार, 10 फरवरी को 11 जिलों की 58 सीटों पर होगा मतदान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की अठारहवीं विधानसभा के गठन के लिए 10 फरवरी को होने वाले पहले चरण के मतदान वाले क्षेत्रों में चुनाव प्रचार का शोरगुल मंगलवार शाम छह बजे थम गया। पहले चरण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश और ब्रज क्षेत्र के 11 जिलों की 58 सीटों पर गुरुवार को वोट डाले जाएंगे। पहले चरण में जिन जिलों में मतदान होना है उनमें शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा और आगरा हैं।

यूपी में पहले चरण की 58 सीटों पर चुनाव प्रचार मंगलवार शाम छह बजे थम गया। पश्चिमी यूपी के 11 जिलों की इन सीटों के लिए 623 उम्मीदवार मैदान में हैं, मतदान 10 फरवरी को और मतगणना 10 मार्च को होगी। पहले चरण के 11 जिलों की 58 विधान सभा सीटों के लिए 21 जनवरी तक नामांकन हुआ। इनमें नौ सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। 10 फरवरी को सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक मतदान होगा। चुनाव प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा-व्यवस्था के भी कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। अतिरिक्त सतर्कता बरते जाने के साथ ही शरारती तत्वों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश हैं।

सबसे ज्यादा इन दो सीटों पर प्रत्याशी : पहले चरण में कुल 623 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं जबकि इस चरण के लिए 810 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था। सबसे ज्यादा 15-15 उम्मीदवार मुजफ्फरनगर और मथुरा सीटों पर हैं। सबसे कम पांच प्रत्याशी अलीगढ़ की इगलास (सुरक्षित) सीट पर हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में पहले चरण की 58 सीटों में से 53 भाजपा, दो-दो सपा व बसपा और एक राष्ट्रीय लोक दल ने जीती थी।

योगी सरकार के नौ मंत्रियों की होगी परीक्षा : पहले चरण में योगी सरकार के नौ मंत्रियों की भी परीक्षा होगी। इनमें चीनी उद्योग एवं गन्ना मंत्री सुरेश राणा, पशुधन मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल, स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग, वित्त एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह, समाज कल्याण राज्य मंत्री जीएस धर्मेश, वन राज्य मंत्री अनिल शर्मा और जलशक्ति व बाढ़ नियंत्रण राज्य मंत्री दिनेश खटीक शामिल हैं। राजनीति में लंबी पारी खेलने वाले अवतार सिंह भड़ाना, चौधरी बाबू लाल और उत्तराखंड की राज्यपाल रहीं बेबी रानी मौर्य का इम्तिहान भी पहले चरण में होगा। इसी चरण में कैराना सीट पर भी दिलचस्प जंग होगी।

आखिरी दिन दलों ने झोंकी ताकत : पहले चरण के चुनाव प्रचार के आखिरी दिन सभी राजनीतिक दलों ने पूरी झोंकी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गौतम बुद्ध नगर तो उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मुजफ्फरनगर में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभाएं कीं। कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा ने मेरठ, आगरा और मथुरा में पार्टी उम्मीदवारों के लिए वोट मांगे। रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी ने अलीगढ़ और हापुड़ में जनसमर्थन जुटाया तो सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर मेरठ पहुंचे।

800 कंपनी अर्ध सैनिक बल का कड़ा पहरा : पहले चरण का मतदान निष्पक्ष व शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए पुलिस ने अपनी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। 58 विधानसभा क्षेत्रों के 10833 पोलिंग बूथ पर अर्धसैनिक बल का कड़ा पहरा होगा। लगभग 800 कंपनी अर्धसैनिक बल को पोलिंग बूथ के अलावा अन्य संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया जाएगा। इसके साथ ही पुलिस, पीएसी व होमगार्ड जवान भी मुस्तैद रहेंगे। डीजीपी मुकुल गोयल ने हर छोटे-बड़े विवाद को पूरी गंभीरता से लेकर त्वरित कार्रवाई किये जाने के साथ ही इंटरनेट मीडिया की लगातार निगरानी का निर्देश दिया।

प्रचार थमते ही बढ़ी इंटरनेट मीडिया की निगरानी : पहले चरण का प्रचार थमने के साथ ही पुलिस ने शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराने के लिए अपनी मुस्तैदी और बढ़ा दी है। खासकर इंटरनेट मीडिया पर दोहरी निगरानी की जा रही है। इंटरनेट मीडिया पर वायरल संदेशों पर नजर रखने के साथ ही पुलिस वाट्सएप ग्रुपों के जरिए अपना संवाद भी बढ़ा रही है। पुलिस आपत्तिजनक व भ्रामक संदेशों की निगरानी के लिए खास की-वर्ड का प्रयोग भी कर रही है। इस सूची में अब 10 फरवरी व 10 मार्च व ऐसे कुछ अन्य खास की-वर्ड भी शामिल हो गए हैं। डीजीपी मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया सेंटर में आपत्तिजनक व भ्रामक संदेशों व वीडियो की निगरानी के लिए अलग टीम का गठन किया गया है। चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़ी शिकायतों को निर्वाचन आयोग से साझा किया जा रहा है। साथ ही जिलों में थाना व पुलिस चौकी स्तर पर बने वाट्सएप ग्रुपों पर सूचनाओं का आदान-प्रदान बढ़ाया गया है।

प्रथम चरण में इन सीटों पर मतदान : कैराना, थानाभवन, शामली, बुढ़ाना, चरथावल, पुरकाजी (सुरक्षित), मुजफ्फरनगर, खतौली, मीरापुर, सिवालखास, सरधना, हस्तिनापुर (सुरक्षित), किठौर, मेरठ कैंटोनमेंट, मेरठ, मेरठ दक्षिण, छपरौली, बड़ौत, बागपत, लोनी, मुरादनगर, साहिबाबाद, गाजियाबाद, मोदीनगर, धौलाना, हापुड़ (सुरक्षित), गढ़मुक्तेश्वर, नोएडा, दादरी, जेवर, सिकंदराबाद, स्याना, अनूपशहर, डिबाई, शिकारपुर, खुर्जा (सुरक्षित), खैर (सुरक्षित), बरौली, अतरौली, छर्रा, कोल, अलीगढ़, इगलास (सुरक्षित), छाता, मांट, गोवर्धन, मथुरा, बलदेव (सुरक्षित), एत्मादपुर, आगरा कैंटोनमेंट (सुरक्षित), आगरा दक्षिण, आगरा उत्तर, आगरा ग्रामीण (सुरक्षित), फतेहपुर सीकरी, खैरागढ़, फतेहाबाद, बाह सीटें हैं।