चलती बस में हुआ बच्चे का जन्म, यात्रियों का सहयोग बना मिसाल

अलीगढ़ से बस लोहागढ़ तेज रफ्तार से बढ़ रही थी तभी एक महिला को लेबर पेन होने लगा। इसके बाद बस ड्राइवर ने जो निर्णय लिया और साथी यात्रियों ने जो किया महिला उसे कभी नहीं भूलेगी।
दरअसल, अलीगढ़ की चंपा कॉलोनी निवासी एक प्रसूता को लोहागढ़ डिपो (राजस्थान) की बस में तेज दर्द शुरू हुआ|  जिससे वह बस की फर्श पर लेटकर छटपटाने लगी। महिला की ऐसी हालत देख ड्राइवर और यात्रियों ने जो किया वह काबिले तारीफ तो है कि मानवता की मिसाल भी।  इसी बीच कुछ महिला यात्री आगे आईं। चालक ने बस सड़क किनारे खड़ी कर दी। सभी पुरुष यात्री नीचे उतर गए।
महिला यात्रियों ने ही बस में सुरक्षित प्रसव कराया। इस बीच सूचना पर महिला के परिजन और एंबुलेंस पहुंच गई। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।  उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
चंपा नगर कालोनी निवासी रनवीर की पत्नी पूजा गर्भवती थी। सोमवार को वह अकेले ही चिकित्सक की सलाह पर अल्ट्रासाउंड कराने के लिए अलीगढ़ गई थीं। अलीगढ़ से रोडवेज बस से इगलास लौट रही थीं। रास्ते में उसे तेज दर्द होने लगा। इस पर वह बस की फर्श पर लेटकर तड़पने लगी।
इस दौरान यात्रियों ने महिला के परिवार का मोबाइल नंबर लेकर जानकारी दे दी। प्रसूता की हालत देख चालक ने तेहरा के निकट बस सड़क किनारे खड़ी कर दी। बस में ही बच्चे का जन्म हुआ। महिला का पति दूध का टैंकर चलाता है। महिला के दो बच्चे पहले से हैं।
बस में प्रसव के उपरांत जच्चा-बच्चा को सीएचसी तक पहुंचाने वाली सरकारी एंबुलेंस सेवा के चालक ने परिजनों से सौ रुपये वसूल लिए। प्रसूता की मां ने बताया कि इसके बाद अस्पताल में कर्मचारियों ने पांच सौ रुपये ले लिए। सभी दवाएं बाहर के मेडिकल स्टोर से मंगवाईं।