पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं असली हत्यारे, मुख्य न्यायधीश की निगरानी में हो बुलंदशहर हिंसा की जांच : कांग्रेस

नई दिल्ली |  कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि बुलंदशहर में पुलिस निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह की हत्या के 25 दिन बाद भी प्रशासन असली अभियुक्तों को पकड़ने में विफल रहा और ऐसे में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की निगरानी में जांच होनी चाहिए ताकि ‘संपूर्ण न्याय’ मिल सके। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राज बब्बर ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘उत्तर प्रदेश में तीन दिसंबर को जिस तरह से बुलंदशहर में पुलिस निरीक्षक की हत्या की गई…25 दिन हो गए लेकिन सरकार ढुलमुल रवैया अपनाए हुए है। कभी अजय सिंह बिष्ट की सरकार अपने लिए सराहना ढूंढती है तो कभी कहती है कि वह साजिश थी।’

उन्होंने कहा, ‘पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट आई जिसमें साफ है कि उस दिन क्या हुआ था? 2014 के बाद भीड़तंत्र देश और प्रदेशों में आया है। किसी भी व्यक्ति ने मासूमों की जान ली है उसे सजा नहीं मिली है। अब ये हाल हो गया है कि जिन वर्दी वालों पर लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, अब वे ही इस भीड़तंत्र का शिकार होने लगे है। उत्तर प्रदेश में यह सिलसिला लगातार चल रहा है।’


बब्बर ने कहा कि क्या सुबोध कुमार सिंह के परिवार को न्याय मिलेगा? आज की स्थिति से ऐसा नहीं लगता है। कांग्रेस पार्टी की मांग है कि न्यायाधीश से इसकी जांच कराई जानी चाहिए। हम चाहेंगे कि उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में जांच हो, लेकिन अगर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की निगरानी में जांच हो तो परिवार को संपूर्ण न्याय मिल सकता है। गौरतलब है कि गोहत्या की अफवाह के बाद तीन दिसंबर को बुलंदशहर में प्रदर्शन कर रही भीड़ की हिंसा में सुबोध कुमार सिंह की हत्या हो गई थी।