UP में विधानसभा उपचुनाव को मायावती ने बनाया नाक का सवाल, नेताओं को सर्वसमाज से जुड़ने के निर्देश

लखनऊ । लोकसभा चुनावों में सपा और रालोद से महागठबंधन के बाद भी अपेक्षित परिणाम न आने से निराश मायावती अब मिशन 2022 की तैयारी में जुट गई हैं । उससे पहले यूपी की 12 सीटों पर इसी वर्ष होने वाले विधानसभा उपचुनाव को मायावती ने नाक का सवाल बना किया है । पहली बार उपचुनाव की जंग में उतर रही बसपा प्रमुख मायावती ने पदाधिकारियों को कसते हुए सर्वसमाज फॉर्मूले को अपनाने के निर्देश दिए। विधानसभा क्षेत्र स्तर पर भाईचारा कमेटियों को मजबूती देने के साथ गांव-गांव जाकर सभी वर्गों के बीच पहुंचकर उनका दुख-दर्द बांटने को कहा। भाजपा सरकार को घेरते हुए 17 पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति वर्ग में शामिल करने पर भी सवाल उठाया।

मंगलवार को माल एवेन्यू रोड पर स्थित पार्टी कार्यालय में पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं बुंदेलखंड के नौ मंडलों के पदाधिकारियों की बैठक में बसपा प्रमुख ने गत दिनों में दिल्ली की बैठक में दिए दिशा-निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की। उनका कहना था कि प्रदेश की बिगड़ी कानून-व्यवस्था को मुद्दा बनाते हुए सर्वसमाज में जनाधार बढ़ाने पर फोकस किया जाए। इसके लिए गांवों में पहुंचकर चौपाल व छोटी बैठकों के जरिए सर्वसमाज के दुख-दर्द बांटने का हर संभव प्रयास करें। बदतर कानून व्यवस्था का शिकार गरीब ही नहीं वरन सर्वसमाज के लोग भी हैं। सरकारी कर्मी एवं पुलिस भी असुरक्षित महसूस करते हैं। कानून का डर अपराधियों के दिल से निकल चुका है, क्योंकि ऐसे लोगों को ही सरकारी संरक्षण प्राप्त है।