बसपा 2019 में वापसी को तैयार, माया बोली- ‘न कांग्रेस से हार मानी न भाजपा से मानेंगे’

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कहा है कि बीएसपी किसी भी दशा में ना तो पहले कांग्रेस से हार मानी है और ना ही वर्तमान में बीजेपी के साम, दाम, दण्ड, भेद आदि हथकण्डों से हार मानने वाली है। पार्टी के राज्य कार्यालय में आयोजित बैठक में पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को सम्बोधित करते हुए मायावती ने कहा कि केन्द्र में नरेन्द्र मोदी सरकार के लगभग चार साल व इसी पार्टी के उत्तर प्रदेश में लगभग एक वर्ष में ख़ासकर उत्तर प्रदेश जैसे काफी बड़ी जनसंख्या के साथ ही अति-पिछड़े व अत्यन्त ही ज़रूरतमन्द राज्य में हालात वायदों के मुताबिक बेहतर होने के बजाय बदतर ही होते चले जा रहे हैं तथा यहाँ की जनता अब और ज़्यादा भ्रमित होकर बीजेपी के फरेब में आने को तैयार नहीं लगती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बार-बार की भावुकता व उत्तर प्रदेश सरकार की भगवाकरण की राजनीति से प्रदेश की आमजनता का पेट नहीं भर पा रहा है और ना ही यहाँ के लोगों की गरीबी, भूखमरी, बेरोजगारी व महंगाई कम होकर उन्हें थोड़ा राहत ही दे पा रही है। लिहाज़ा आमजनता के पास ‘वोटबन्दी’ का जो जबर्दस्त लोकतांत्रक हथियार है उसे वह बीजेपी के ख़िलाफ इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।

मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश की लगभग 22 करोड़ जनता, गुजरात की तरह ही, बीजेपी के ख़िलाफ मन बनाये हुये लगती है। वह ख़ासकर नोटबन्दी के अपरिपक्व व नये जी.एस.टी. कर कानून की आर्थिक ज़ख़्मों से कराह रही हैं, फिर भी बीजेपी की केन्द्र व राज्यों में इनकी सरकारें अनगिनत हवा-हवाई दावों से उनके ज़ख्मों पर नमक छिड़कने से बाज़ नहीं आ रही है। बीजेपी सरकार की नीतियाँ शिक्षित बेरोज़गारों को उनकी क्षमता व डिग्री के अनुसार नौकरी मुहैया कराने की कोशिश करने की ईमानदार कोशिश करने के बजाय उन्हें चाय व पकौड़ा बेचने के लिये मजबूर करना चाहती है और इसी लिये केवल ऐसे ही लोगों की गुणगान भी लगातार करती रहती हैं। कहा कि क्या ऐसे ही भारत आगे बढ़ेगा व आयुष्मान होगा?

मायावती ने कहा कि बी.एस.पी. किसी भी दशा में ना तो पहले कांग्रेस से हार मानी है और ना ही वर्तमान में बीजेपी के साम, दाम, दण्ड, भेद आदि हथकण्डों से हार मानने वाली है। इसने अपने संघर्ष व त्याग से परम्पूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के कारवाँ को हमेशा आगे बढ़ाने का काम किया है ताकि भारत देश उनके सपनों का असली समतामूलक राष्ट्र बन सके।