आरएसएस-भाजपा की लखनऊ में बैठक, 2019 की रणनीति पर मंथन !

लखनऊ। भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह ने आगामी लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार की रणनीति को लेकर पार्टी संगठन और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारियों के साथ बुधवार को एक बैठक में विचार मंथन किया गया। शाह बुधवार को लखनऊ के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे। लखनऊ के आनंदी वाटर पार्क में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आरएसएस के पदाधिकारी तथा भाजपा संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद थे। बैठक के बाद भाजपा के एक नेता ने बताया कि संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री आदित्यनाथ द्वारा प्रदेश में किये जा रहे विकास कार्यो की सराहना की। बैठक का मुख्य मुद्दा आगामी 2019 के लोकसभा चुनावों के मददेनजर केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और कार्यो के बारे में जनता के बीच में अधिक से अधिक प्रचार प्रसार था। पार्टी के एक अन्य वरिष्ठ नेता ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पार्टी अध्यक्ष और संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों को राज्य सरकार के पिछले डेढ़ साल में किये गये विकास और जन कल्याणकारी कामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सरकार ने इलाहाबाद का नाम प्रयागराज किये जाने की बाबत भी बताया।

संघ के सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल ने बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘संघ के कार्यकर्ता बैठक में आते है और उस समय की सामाजिक परिस्थितियों पर हम लोग विचार करते है । जहां जहां जो जो विचार हमारे कार्यकर्ताओं को काम करते समय मिलते है उनको लेकर छह महीने बाद हम लोग एकत्र होते है। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘आज उत्तर प्रदेश के हमारे चालीस संगठनों में काम करने वाले हमारे स्वंयसेवक कार्यकर्ता यहां पर एकत्र हुए। यह हमारी नियमित बैठक है, जो समय समय पर होती है, इसमें हम भिन्न कार्यक्रमों की चर्चा करते है,भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करते है । बैठक में भाजपा के लोग भी आते है ।’ उनसे जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या राम मंदिर की कोई चर्चा हुई तो उन्होंने कहा कि राम मंदिर पर चर्चा नही हुई। उनसे पूछा गया कि क्या 2019 के लोकसभा चुनाव पर आज की बैठक में कोई चर्चा हुई तो उन्होंने जवाब दिया कि चुनाव पर कोई चर्चा नहीं हुई ।

बैठक के बारे में जब भाजपा प्रवक्ता चंद्रमोहन से बात की गयी तो उन्होंने कहा, ‘भाजपा विकास के मुद्दे पर ऐसी बैठके नियमित तौर पर करती है । यह राजनीतिक बैठक नही थी। यह बैठक राष्ट्रहित के संदर्भ में थी और बैठक में राष्ट्र के अलग अलग मुद्दों पर विचार विमर्श हुआ।’