अलीगढ़ से बड़ी खबर : पुलिसकर्मी से मारपीट मामले में भाजपा MLA संजीव राजा को दो साल की सजा

अलीगढ | बड़ी खबर शहर से है | शहर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक संजीव राजा को यातायात पुलिसकर्मी से मारपीट के मुकदमे में दो साल की सजा व 14 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया है। बृहस्पतिवार को यह फैसला एडीजे-4 एमपी/एमएलए कोर्ट की न्यायाधीश मनीषा की अदालत ने सुनाया। 22 साल पुराने इस मुकदमे में पूर्व निर्धारित तारीख पर फैसला सुनाए जाने के बाद विधायक खेमे में मायूसी छा गई। हालांकि, न्यायालय ने विधायक के अधिवक्ता की अपील पर दो जमानतनामों पर विधायक को अपील स्वीकार किए जाने तक के लिए जमानत देकर रिहा कर दिया है।

अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी रविकांत शर्मा के अनुसार, पुलिस लाइन में तैनात यातायात पुलिसकर्मी श्याम सुंदर की ओर से 17 नवंबर 1999 को बन्नादेवी थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। मुकदमे में आरोप है कि श्याम सुंदर की ड्यूटी सारसौल गंदा नाला चौराहे पर थी। तभी दोपहर करीब 11 बजे खैर बाईपास की ओर से ट्रक संख्या एचआर 38 सी-7162 गिट्टी लोड कर शहर की ओर आ रहा था। दिन में नो एंट्री का हवाला देकर ट्रक चालक को रोका गया तो उसने यह कहते हुए रौब गालिब किया कि यह संजीव राजा का ट्रक है। अंदर जाने से रोक रहा है, तेरी वर्दी उतर जाएगी। इसी बीच ट्रक पर चालक के साथ सवार दूसरा व्यक्ति उतरकर शहर की ओर दौड़ गया और थोड़ी देर में संजीव राजा व उनके साथ सात-आठ व्यक्ति आए, जिन्होंने श्याम सुंदर से मारपीट करते हुए सरकारी कार्य में बाधा पैदा की और उसे धमकी देते हुए गाली-गलौज की। सिपाही का मेडिकल परीक्षण कराया गया।

विवेचना में पुलिस ने मुकदमे में आरोपी उस समय एडीए सासनी गेट निवासी भाजपा नेता संजीव राजा के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी। न्यायालय में सत्र परीक्षण के दौरान अब विधायक बन चुके संजीव राजा को दोषी करार दिया गया और बृहस्पतिवार को मामले में 2 साल की सजा व 14 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया। इसके बाद उनके अधिवक्ता की ओर से जमानत का अनुरोध किया गया, जिस पर दो जमानतियों के जमानतनामे पर उन्हें इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील स्वीकार किए जाने तक के लिए जमानत पर रिहा किया गया है। वहीँ, भाजपा विधायक संजीव राजा ने कहा है कि न्यायालय के फैसले का सम्मान है। चूंकि, अभी हमारे पास अगले तीन माह यानी 90 दिन तक अपील करने का अधिकार है। अपने अधिवक्ता के माध्यम से अपील दायर कराई जाएगी।