योगीराज : बिजनौर में पुलिस की अवैध हिरासत से किसान की मौत, रालोद और भाकियू ने गरमाई राजनीति

आसिफ रईस/ बिजनौर | सत्ता के दवाब में विधायक के ऊपर हमले के आरोपी जिला पंचायत सदस्य साकेंद्र प्रताप सिंह के पिता को थाने  में अवैध रूप से रखना और टॉर्चर करना बिजनौर पुलिस को भारी पड़ गया है | हिरासत में मौत ने जिले की राजनीति को गरमा दिया है | राष्ट्रीय लोकदल सहित किसान सडको पर आ गए हैं | शुक्रवार देर रात्रि तक परिवार सहित किसानो ने मृतक जसवंत सिंह राठी के शव को थाने  में रखकर जमकर हंगामा  किया | शनिवार को रालोद के जिला अध्यक्ष अजित राठी के नेतृत्व में हजारों किसानो ने हाईवे जाम कर दिया और मृतक के परिवार को  मुआवजा देने व भाजपा विधायक सहित दोषियों के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज करने की मांग की |  रालोद और भाकियू के साकेंद्र को समर्थन से बिजनौर की राजनीति आने वाले दिनों में और अधिक गरमा सकती है |

बताते चलें कि राज्यमंत्री अतुल गर्ग की कार और उसमें बैठे नूरपुर के विधायक लोकेंद्र चौहान पर हमले के प्रकरण में  आरोपी जिला पंचायत सदस्य साकेंद्र प्रताप सिंह के किसान पिता जसवंत सिंह राठी को पुलिस ने तीन दिन से अवैध हिरासत में उठा रखा था । सत्ता के दवाब में पुलिस ने टॉर्चर किया और किसी से मिलने भी नहीं दिया | शुक्रवार को जैसे ही साकेंद्र के पिता जसवंत राठी की मौत पुलिस हिरासत में होने की खबर मिली ग्रामीणों में आक्रोश फ़ैल गया | परिवार ने थाने में ही शव रखकर हंगामा किया तो लोगो ने थाने में घुसकर तोड़फोड़ की भी कोशिश की। शव लेने पहुंची एंबुलेंस में तोड़फोड़ की गई। इंस्पेक्टर को घेर कर उनके साथ धक्का मुक्की की गई। परिवारीजनों का आरोप है कि  पुलिस उत्पीड़न के सदमे से उनकी मौत हो गई।

देर रात्री तक जमकर बवाल हुआ और पुलिस बैकफुट पर नजर आई |  दरअसल  छह अगस्त को बिजनौर पीडब्लूडी  गेस्ट हाउस पर राज्यमंत्री अतुल गर्ग की गाड़ी और उसमें बैठे  विधायक लोकेंद्र  चौहान पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने जांच के बाद गांव डेहरी माहेश्वरी के नृपेद्र राठी का नाम आरोपियों में शामिल किया था। आरोप है  कि  पुलिस ने नृपेंद्र की गिरफ्तार को दबाव बनाने के लिए उनके पिता जसवंत सिंह  (65) को पुलिस ने तीन दिन से अवैध रूप से हिरासत में रखा हुआ था | माना जा रहा है कि जसवंत की मौत जिले में बड़ा बखेडा खड़ा कर सकती है | जाटो में जसवंत की मौत से भारी आक्रोश है |