प्रशांत किशोर ने दी खुली चुनौती-मीडिया के सामने आइए लालूजी, तब खोलूंगा राज

पटना। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि नीतीश कुमार प्रधानमंत्री बनना चाहते थे और इसके लिए वह लालू यादव से बड़ी डील करना चाहते थे और इसके लिए उन्होंने अपना दूत बनाकर प्रशांत किशोर को हमारे घर भेजा था। लेकिन मैंने उन्हें भगा दिया था।राबड़ी के इस बयान का जदयू के वर्तमान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने ट्वीट कर करारा जवाब दिया है। प्रशांत किशोर ने अपने ट्वीट में लिखा है कि लालूजी जब चाहें, मेरे साथ मीडिया के सामने बैठ जाएं, सबको पता चल जाएगा कि मेरे और उनके बीच क्या बात हुई और किसने किसको क्या ऑफर दिया था?

साथ ही प्रशांत किशोर ने अपने ट्वीट में ये भी लिखा है कि जनता के पैसे का दुरुपयोग करने और बेनामी संपत्ति बनाने वाले लोग आज सच्चाई के संरक्षक होने का दावा कर रहे हैं। बता दें कि बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और लालू प्रसाद यादव की पत्नी राबड़ी ने ये भी दावा किया है कि नीतीश ने प्रशांत किशोर के जरिए जदयू और राजद के विलय का प्रस्ताव भी भेजा था। राबड़ी ने ये भी कहा कि नीतीश कुमार चाहते थे कि लालू यादव इस बात का एलान करें कि नीतीश कुमार हमारे पीएम पद के कैंडिडेट हैं। इस प्रस्ताव को लेकर प्रशांत किशोर 10 सर्कुलर मार्ग स्थित उनके सरकारी आवास पर तीन बार आए थे। साथ ही वे तेजस्वी यादव के सरकारी बंगले 5 देशरत्न मार्ग पर भी दो बार आए थे। वो लालू जी को समझा रहे थे कि नीतीश कुमार कह कर भेजे हैं कि लोकसभा का चुनाव होने वाला है, तो आप प्रधानमंत्री पद की घोषणा कर दीजिए और पार्टी का मर्जर कर लीजिए, लेकिन हमने सहमति नहीं दी और कहा यहां से जाइयेगा कि नहीं।

राबड़ी देवी ने साफ कहा कि अब प्रशांत किशोर झूठ बोल रहे हैं कि उन्होंने लालू-नीतीश को एक साथ लाने की कोशिश नहीं की, उन्होंने लालू जी से एेसी बात नहीं की। बता दें कि इससे पहले भी इस बात पर बवाल मच चुका है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने अपनी बायोग्राफी ‘गोपालगंज टु रायसीना: माई पॉलिटिकल जर्नी’ में दावा किया है कि नीतीश ने महागठबंधन में वापसी के लिए कई बार अपने भरोसेमंद प्रशांत किशोर को उनके पास दूत बनाकर भेजा था।लालू के इस दावे को भी प्रशांत किशोर ने सिरे से खारिज करते हुए उन्हें झूठा करार दिया था। प्रशांत किशोर ने स्‍वीकार किया कि वो जेडीयू में शामिल होने से पहले कई बार लालू यादव से मिले थे, लेकिन अगर वो यह बता दें कि इस मुलाकात में क्‍या बातचीत हुई, तो लालूजी शर्मिंदा हो जाएंगे।