UPSSSC से बड़ी खबर : ग्राम विकास अधिकारी के 1953 पदों के लिए हुई भर्ती परीक्षा रद्द

लखनऊ | उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी और समाज कल्याण पर्यवेक्षक के 1953 पदों पर भर्ती के लिए हुई परीक्षा को निरस्त कर दिया है। आयोग के परीक्षा नियंत्रक दिनेश ने बुधवार को इस संबंध में आदेश जारी किया। शासन के आदेश पर इसकी एसआईटी जांच कराई गई और जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद आयोग ने यह फैसला किया है।

दिसंबर 2018 में हुई थी परीक्षा
ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी और समाज कल्याण पर्यवेक्षक के 1953 पदों पर भर्ती के लिए 22 व 23 दिसंबर 2018 को परीक्षा कराई गई थी। परीक्षा में नौ लाख से अधिक अभ्यर्थी बैठे। इसका परीक्षा परिणाम 28 अगस्त 2019 को जारी किया गया। परीक्षा परिणाम आने के बाद इसमें धांधली की पुष्टि हुई। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष सीबी पालीवाल के निर्देश पर उस समय इसकी एफआईआर दर्ज कराई गई। इसके बाद पूरे मामले की जानकारी शासन को दी गई।

एसआईटी जांच कराई गई
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की रिपोर्ट के आधार पर शासन ने पूरे मामले की जांच एसआईटी से कराने का आदेश 20 मार्च 2020 को दिया। इसके आधार पर अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने भर्ती संबंधी सभी कार्यवाही 20 जून 2020 से रोक दी। इसके बाद से ही इन पदों पर भर्ती के लिए दावेदारों ने हंगामा शुरू किया, लेकिन जांच रिपोर्ट के आधार पर इसे निरस्त किए जाने का फैसला किया गया।

किसके कितने पद-

ग्राम पंचायत अधिकारी 1527
ग्राम विकास अधिकारी 362
पर्यवेक्षक (समाज कल्याण) 64
भर्ती में कब क्या

भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला गया जून 2018 में
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 30 मई 2018 से
आवेदन की अंतिम तारीख 29 जून 2018
परीक्षा 22 व 23 दिसंबर 2018 को हुई
शासन ने 20 मार्च 2020 को एसआईटी गठित की
आयोग से अभिलेख परीक्षण का काम 27 मार्च 2020 को रोका
तीन और परीक्षाएं अगले आदेशों तक स्थगित
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने इसके साथ ही वन रक्षक एवं वन्य जीव रक्षक के 728 पदों पर भर्ती के लिए चार अप्रैल से होने वाली परीक्षा अगले आदेशों तक स्थगित कर दी है। इसी तरह सहायक बोरिंग टेक्नीशियन के 486 पद के लिए 25 अप्रैल को प्रस्तावित प्रतियोगितात्मक परीक्षा और सहायक सांख्यिकीय अधिकारी एवं सहायक शोध अधिकारी के 904 पदों पर भर्ती के लिए 8 मई को होने वाली प्रतियोगितात्मक परीक्षा अगले आदेशों तक स्थगित कर दी है। इस संबंध में आयोग के परीक्षा नियंत्रक दिनेश ने आदेश जारी कर दिया है।