प्रणब मुखर्जी, नानाजी देशमुख, भूपेन हजारिका को ‘भारत रत्न’

नई दिल्ली | पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, नाना जी देशमुख (मरणोपरांत) और डॉ. भूपेन हजारिका (मरणोपरांत) को देश का सर्वोच्च सम्मान दिया जाएगा। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने तीन हस्तियों को देश का सर्वोच्च सम्मान ‘भारत रत्न’ देने की घोषणा की है।

भारत रत्न से नवाजे जाने वाले ये इन तीन नामों को किसी के परिचय की जरूरत नहीं है। इन तीनों हस्तियों का अलग-अलग क्षेत्रों में बहुमूल्य योगदान रहा है। नानाजी देशमुख एक समर्पित समाजसेवी थे। उन्होंने ने अपना पूरा जीवन समाजसेवा के लिए समर्पित कर दिया था। ग्रामीण विकास में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

मशहूर लोक गायक भूपेन हजारिका की बात करें तो वे असम से ताल्लुक रखते हैं। 8 सितंबर 1926 में भारत के पूर्वोत्तर असम राज्य के सदिया में जन्मे हजारिका ने अपना पहला गाना 10 साल की उम्र में गाया था। वहीं पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बात करें तो उनका अनुभव हर क्षेत्र में रहा है। प्रणब मुखर्जी ने देश का वित्त, रक्षा, विधि, वाणिज्य सभी मंत्रालय संभाला है |