बरेली में आला हजरत की दरगाह पर श्री श्री ने चढाई चादर, सोमवार को दिया था बयान- ‘अयोध्या मुस्लिमों का धार्मिक स्थल नहीं’

बरेली | आर्ट ऑफ लिविंग के प्रणेता और आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर मंगलवार को बरेली पहुंच गए। निजी प्लेन से त्रिशूल एयरबेस पर उतरने के बाद श्री श्री का काफिला दरगाह आला हजरत पहुंचा। दरगाह से पहले ही कारों के काफिले को रोक दिया गया। उसके बाद श्री श्री पैदल ही दरगाह तक पहुंचे। दरगाह पर हाजिरी देने और चादर चढ़ाने के बाद उन्होंने दरगाह के आलिमों से मुलाकात भी की। बताया जा रहा है कि श्री श्री रविशंकर अयोध्या विवाद को कोर्ट के बाहर ही सुलझाने के प्रयासों के चलते बरेली आए हैं। दरगाह के बाद वो इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां से मुलाकात करेंगे। शाम को वो रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज में नाथ उत्सव महासत्संग में भाग लेंगे।

आर्ट ऑफ लिविंग की 200 टीमें पूरे कार्यक्रम की तैयारी में लगी हुई है। श्री श्री पहली बार बरेली आए हैं। इस कारण आर्ट ऑफ लिविंग के सदस्यों में जबर्दस्त उत्साह है। मेडिकल कॉलेज में एंट्री निशुल्क और पास रहित होने के कारण भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है।

‘अयोध्या मुस्लिमों का धार्मिक स्थल नहीं’-
गत सोमवार को ऑर्ट ऑफ लिविंग के आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर ने अयोध्या मसले पर एक बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि अयोध्या विवाद का जल्द हल नहीं निकला तो भारत भी सीरिया बन जाएगा. एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि अयोध्या मुस्लिमों का धार्मिक स्थल नहीं है. उन्हें इस पर से अपना दावा छोड़ कर एक मिसाल पेश करनी चाहिए. वैसे भी इस्लाम विवादित जमीन पर इबाबत करने की इजाजत नहीं देता।