नामांकन पत्र : काशी की नगरी में राजनीति का ऐतिहासिक हस्ताक्षर

बनारस। ख़ाक भी जिस जमीं की पारस है ये शहर वही बनारस है और इसी काशी विश्वनाथ की नगरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपना नामांकन दाखिल किया। कलेक्‍ट्रेट के रायफल क्‍लब स्थित नामांकन स्‍थल पर पीएम मोदी ने अपना पर्चा दाखिल किया।आज से ठीक पांच साल पहले महीना था अप्रैल का और तारीख थी 24 जब गुजरात की धरती से नरेंद्र मोदी पहली बार काशी पहुंचे थे और अपना नामांकन दाखिल किया था। हर हर मोदी, घर घर मोदी के नारे के साथ बचपन में चाय बेचने वाले नरेंद्र मोदी ने जब काशी के लोगों को यह बताया कि उन्हें मां गंगा ने बुलाया है तो महिला हो या किसान या फिर बनारस का नौजवान हर तबके के इंसान ने सभी दलों की चुनावी केतली खाली करके भाजपा का प्याला वोटों से भर दिया था। नरेंद्र मोदी ने काशी की परंपरा को प्रणाम किया तो जनता ने भी उन्हें दिल से लगा लिया। बता दें कि पीएम मोदी ने वाराणसी संसदीय सीट से लगातार दूसरी बार नामांकन दाखिल करने से पहले गुरुवार को ऐतिहासिक रोड शो भी किया था जिसके बाद प्रधानमंत्री ने काशी में एक जनसभा को भी संबोधित किया और वहां की जनता से नामांकन करने की अनुमति मांगी थी। आज सुबह पीएम मोदी ने नगर कोतवाल काल भैरव के दर्शन करने के बाद पर्चा दाखिल किया।

नरेंद्र मोदी के नामांकन के लिए राजग के दिग्गजों का वाराणसी में तांता लगा है। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, लोजपा अध्यक्ष राम विलास पासवान, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, शिरोमणि अकाली दल के नेता प्रकाश सिंह बादल, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, डॉ. हर्षवर्धन सिंह, अनुप्रिया पटेल, सुषमा स्वराज, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, यूपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय समेत कई शीर्ष नेता नरेंद्र मोदी के नामांकन के ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बने।पिछली बार की तरह इस बार भी पीएम मोदी के नामांकन के लिए चार प्रस्तावक खास तौर पर उनके साथ मौजूद रहेंगे। पीएम मोदी के चार प्रस्तावकों में आईसीएसआर वैज्ञानिक रमाशंकर पटेल मालवीय जी की मानस पुत्री अन्नपूर्णा शुक्ला डोमराजा जगदीश चौधरी और सामाजिक कार्यकर्ता सुभाष गुप्ता शामिल हैं।

साल 2014 के चुनावी महासमर में उतरने के वक्त वाराणसी से नरेंद्र मोदी के प्रस्तावकों का खास तौर पर चयन किया गया था। पिछली बार गिरिधर मालवीय, शास्त्रीय गायक छन्नू लाल मिश्र, मल्लाह समुदाय से भद्रा प्रसाद निषाद और बुनकर समाज से अशोक कुमार प्रस्तावक बने थे। बता दें कि पिछली बार प्रधानमंत्री ने 24 अप्रैल को अपना नामांकन किया था।इसी भूमि से पिछली बार लिखी थी 2014 के जीत की पटकथा और उसी स्कीप्ट के तहत इस बार भी नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी पहले काशी फतह फिर यूपी विजय करने की कवायद में लगे हैं क्योंकि देश के प्रधानमंत्री बनने का रास्ता तो यूपी से होकर ही जाता है और इसे जीतने के बाद तो दिल्ली मोदी के लिए अजेय बन जाएगी।