बाबू जी (कल्याण सिंह) मेरे आदर्श , बिना किसी भेदभाव के सभी को साथ लेकर चलूँगा : संदीप सिंह

उत्तर प्रदेश अलीगढ़ जिले के छोटे से गांव मढ़ौली से निकल देश और विदेश में अपनी हिंदूत्व छवि के लिए विख्यात हिंदू हृदय सम्राट कहे जाने वाले यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के प्रपौत्र संदीप सिंह अपने दादा की विरासत को संभालने के लिए राजनैतिक मैदान में है। विशेष बात यह है कि पहली ही बार चुनावी रण में उतर कर अतरौली विधानसभा से 50 हजार से अधिक मतों से जीतकर यूपी विधानसभा में पहुचने वाला 26 वर्ष का पढ़ा लिखा यह नौजवान प्रधानमंत्री मोदी के सबके साथ, सबके विकास के नारे को आगे बढ़ाने के लिए लालायित दिखाई देता है। चेहरे पर हमेशा मुस्कराहट रखने वाले संदीप सिंह सौम्य स्वाभाव और अपने व्यवहार कुशलता के चलते युवाओं में तेजी से लोकप्रिय हो रहे है। राजनीति में अपने दादा (कल्याण सिंह) को आदर्श मानने वाला यह नौजवान दादा की कट्टर हिन्दुत्ववादी छवि से अलग हटकर हर वर्ग को बिना किसी भेदभाव के साथ लेकर चलने की बात करता है। अपने बहुत छोेटे से राजनैतिक कैरियर में संदीप सिंह में वो परिपक्वता नजर आती है जो उन्हें अन्य सभी  नेताओं से अलग करती है। दरअसल, कल्याण सिंह की अपनी लोधी बिरादरी में पहले से ही अच्छी पकड़ रही है, सूबे के लगभग एक सैकड़ा सीटों पर यह बिरादरी कल्याण सिंह के कहने पर अपना सियासी भविष्य तय करती है। बाबूजी कल्याण सिंह के राजस्थान का राज्यपाल बन जाने के बाद से ही उनकी राजनैतिक विरासत को आगे बढ़ाने वाले चेहरे को लेकर लोगों में चर्चायें होने लगी थी। कल्याण सिंह के प्रपौत्र संदीप सिंह को राजनैतिक विरासत देने को लेकर लंबे समय से  चर्चाओं का दौर जारी था। लेकिन चर्चाओं पर इतनी जल्दी विराम लगेगा, यह किसी ने नहीं सोचा था। संदीप सिंह केे अतरौली से विधायक बनने के साथ ही कल्याण सिंह का अक्स उनमें दिखने लगा था। योगी सरकार में कल्याण सिंह के इस वारिस को महत्व देते हुए राज्यमंत्री भी बनाया गया और उनके कंधों पर सूबे के बेसिक, माध्यमिक, उच्च और प्राविधिक शिक्षा के साथ चिकित्सा षिक्षा जैसे महत्वपूर्ण  विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शिक्षा से जुड़े मंत्रालय मिलने के साथ ही यूपी का यह नौजवान राज्यमंत्री शिक्षा के मूलभूत ढांचे में सुधार के लिए दिन रात एक किए हुए है।
योगी सरकार में बेसिक, माध्यमिक, उच्च, प्राविधिक और चिकित्सा शिक्षा के युवा राज्य मंत्री संदीप कुमार सिंह से व्यवस्था दर्पण के संपादक जियाउर्रहमान ने विभिन्न मुद्दों पर खुलकर वार्ता की। सवालों के युवा मंत्री ने बड़ी बेबाकी और साफगोई से जबाव दिए । पेश है बातचीत के प्रमुख अंश…
व्यवस्था दर्पण : कभी सोचा था आप राजनीति में आयेंगे ? आपकी राजनीति का क्या मिशन और विजन है ?
संदीप सिंह : हाँ यह तो पहले से मालूम था कि राजनीति में आना है लेकिन इतनी जल्दी आऊंगा यह नहीं सोचा था । मेरा मिशन और विजन यही  है कि व्यवस्थाओं में बदलाव हो, आमजन को तकलीफ न हो । जनता के हितों की रक्षा कर सकू। हर व्यक्ति तक सीधा पहुंच सकू , ऐसा मेरा प्रयास है। आमजन की समस्याओं का निस्तारण मेरी सियासत की प्राथमिकता है।
व्यवस्था दर्पण : आप बेसिक, माध्यमिक, उच्च और प्राविधिक शिक्षा के राज्यमंत्री है। अपने विभागों में क्या-क्या सुधार देखना चाहते है?
संदीप सिंह : पहली प्राथमिकता शिक्षा के स्तर को सुधारना है। शिक्षकों की उपस्थिति प्राइमरी से लेकर उच्च शिक्षा तक अनिवार्य रहें, ऐसे प्रयास करना है। ग्राउंड जीरों पर बेसिक शिक्षा विभाग में बच्चों को यूनिफाॅर्म, किताबें, स्कूल बैग दे रहे है। आने वाले समय में सर्दियों में स्वेटर भी बच्चों को देंगे। पिछली सरकारों में शिक्षक कोई और होता था और स्कूल में उसकी जगह पढ़ाता कोई और था। यह व्यवस्था अब नहीं चल सकती। सरकार इस ओर कड़े कदम उठाने जा रही है। बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा और उच्च शिक्षा में रिक्त पड़े पदों पर भी शीध्र ही भर्ती करेंगे जिससे कि रिक्त पड़े पदों पर शिक्षकों की कमी दूर हो सके।
व्यवस्था दर्पण : तमाम सुविधायें देेने के बावजूद बेसिक शिक्षा की हालत खराब है। आम आदमी प्राइमरी स्कूल में अपने बच्चे नहीं पढ़ाना चाहता। क्यों? वह दिन कब आयेगा जब संदीप सिंह/डीएम/एसएसपी/सरकारी कर्मचारी भी अपने बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ायेगे। 
संदीप सिंह : हां यह सही है कि बेसिक शिक्षा की स्थिति दयनीय है, लेकिन हमारी सरकार इस स्थिति में सुधार करने के लिए प्रयासरत है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर हम ध्यान दे रहे है और जल्द ही प्रदेश के सभी स्कूलों की बाउंड्री वाॅल करायेंगे। पिछली सरकारों ने इसे सुधारने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए। यही कारण है कि अध्यापक भी स्कूल में बच्चों को नहीं पढ़ाते। अब ऐसा नहीं होगा। प्राइमरी स्कूलों के दिन हमारी सरकार सुधारेंगी। रहा सवाल बच्चों को पढ़ाने का तो मेरी राय इससे अलग है । किसके बच्चे कहां पढ़े यह उनका निजी मामला है।
व्यवस्था दर्पण : उच्च शिक्षा का स्तर गिरता जा रहा है। शिक्षा के व्यापारीकरण को रोकने के लिए क्या प्रयास करेंगे?
संदीप सिंह : उच्च शिक्षा का व्यापारीकरण तेजी से बढ़ा है जिसकी जिम्मेदार पिछली सरकारें है। हम बड़े स्तर पर लंबे समय से जमे अधिकारियों/कर्मचारियों को बदलने जा रहे है। जिससे घोटाले रूकेगे। सरकार व्यापारीकरण को रोकने के लिए कटिबद्ध है। छात्रहितों को देखते हुए यूपी में शिक्षण संस्थानों की मनमानी और छात्रों की समस्याओं को सीधे सुनने के लिए टोल फ्री नम्बर जारी करने पर विचार कर रहे है। जल्द ही आपको सरकार के अच्छे प्रयास देखने को मिल जाएगे।
व्यवस्था दर्पण : 2015 में इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला आया था कि अफसरों और कर्मचारियों के बच्चे भी प्राइमरी स्कूल में पढ़ेगे । अभी तक सरकार ने इस पर कोई निर्णय नहीं लिया। आप इस फैसले को किस रूप में देखते है?
संदीप सिंह : देखिये, यह व्यक्ति की खुद की इच्छा है जो जहां पढ़ाना चाहता है पढ़ाये। पिछली सरकारों में शिक्षा का स्तर बहुत गिरा है। हमारी सरकार प्राथमिक शिक्षा की स्थिति को सुधारेंगी जिसके परिणाम आने वाले समय में देखने को मिलेंगे। 
व्यवस्था दर्पण : अलीगढ़ आपका गृह जनपद है, छात्र आगरा विवि से त्रस्त होकर यूनिवर्सिटी की मांग कई वर्षों से कर रहे है। क्या योगी सरकार मंडल को यूनिवर्सिटी की सौगात देगी?
संदीप सिंह : आगरा विश्वविद्यालय से अलीगढ़ मंडल के छात्रों को काफी दिक्कतें है, आगरा विश्वविद्यालय से ज्यादा काॅलेज जुडे है।  यूनिवर्सिटी की मांग सरकार के संज्ञान में है, सरकार छात्रों की समस्याओं के निराकरण के लिए कोई न कोई फैसला लेगी। हम हर स्तर पर छात्रों की समस्याओं के निदान के उपाय का प्रयास कर रहे है। शीध्र ही छात्रहितों में सरकार फैसला लेगी।
व्यवस्था दर्पण : बाबूजी(कल्याण सिंह) की छवि कट्टर हिन्दुत्ववादी रही है। क्या उनका प्रपौत्र (संदीप सिंह) उसे आगे बढ़ायेगा?
संदीप सिंह : दादाजी ने जनता की जो सेवा की है उसी तरह मैं भी जनता की सेवा करूगा, सभी को साथ लेकर चलूगा,  भेदभाव नहीं करूगा। बाबूजी मेरे आदर्श है। जनता ने मुझे सभी वर्गाे के लिए चुना है। सभी को साथ लेकर चलूगा। सभी के हित के लिए बिना किसी भेदभाव के कार्य करूगा।
व्यवस्था दर्पण: अलीगढ़ दौरे पर योगी जी ने बाबूजी के शासन को सुशासन का संकल्प बताया, लेकिन अभी तक योगी सरकार में यह सुशासन दिखायी नहीं देता?
संदीप सिंह : सुशासन पर योगी सरकार कार्य कर रही है। पुराने अफसरों को हम हटा रहे है। अपराध को काबू करने में समय लग रहा है लेकिन सरकार इस ओर चिंतित है। पुराना शासन जल्द ही हम देंगे।
व्यवस्था दर्पण : आपने नकल मुक्त परिक्षाओं की घोषणा की थी प्रयास भी किया लेकिन उसके बाद भी नकल हुई। नकल रोकने के लिए भविष्य की रणनीति क्या रहेंगी?
संदीप सिंह : इस बार नकल माफियाओं के पेच ढंग से कसे गए है। समय बहुत कम मिला इसलिए कही कही नकल हुई है। पुराने जमे अधिकारियों को बड़े स्तर पर हटाने काम हम करेंगेे। जहां भी नकल हुई है वहां हमने तत्काल कार्यवाही की है । आने वाले सत्र के लिए सरकार के पास समय है। आगामी सत्र पूरी तरह नकल मुक्त होगा। यह वादा है।
व्यवस्था दर्पण : राजनीति में युवाओं के लिए कोई संदेश ?
संदीप सिंह : मैं युवाओं से यहीं कहूंगा कि राजनीति बुरी चीज नहीं है। युवा राजनीति को गलत समझता है। यह सोच बदलने की आवश्यकता है। राजनीति में युवाओं सक्रिय होकर आना चाहिए। जो काम करें मन से करें। पाॅजिटिव रहे, नकारात्मकता को मन में कभी न लाए। युवा जब सक्रिय राजनीति में आएगे तो व्यापक बदलाव हो सकेगा।