बाढ़ से प्रदेश को बचने के लिए नदियों का रुख मोड़ देंगे- CM योगी

तटबंध और नदी के बीच बसे गांवों को बाढ़ से बचाने के लिए प्रदेश में नदियों की धारा मोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि इसके लिए समय से प्रोजेक्ट बनाकर काम किया जाएगा। अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि गांवों को बचाने के लिए कार्य किए जाएं। इसके लिए प्रस्ताव भेजने के साथ ही कार्य प्रारंभ कर दिया जाए। बेहद जरूरी होने पर आ‌कस्मिक निधि का उपयोग करें। मुख्यमंत्री बुधवार को विधानसभा में बाढ़ की समस्या से जुड़े सवालों का जवाब दे रहे थे। नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी के बाढ़ के मुद्दे पर चर्चा की मांग पर उन्होंने कहा, इस विषय पर चिंता ठीक है, पर यह चिंता पिछली सरकारों ने ही दी है। जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे तटबंध से बाहर के गांवों और तटबंध व नदी के बीच के गांवों में भी बाढ़ से बचाव करें। ऐसे गांवों को बचाने के लिए नदियों की धारा मोड़ने की दिशा में प्रयास होना चाहिए। समय पर परियोजना बनाकर ठोकरें बनाई जाएं। कई बार सिंचाई विभाग और बाढ़ नियंत्रण खंड के अधिकारी गांवों को बचाने पर ध्यान नहीं देते हैं सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि लखनऊ में बाढ़ नियंत्रण कक्ष बना दिया है। रोजाना दोपहर दो बजे के बाद बुलेटिन जारी हो रहा है। जिलों में भी बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। अभी केवल लखीमपुर खीरी में शारदा नदी खतरे के निशान से 22 सेमी ऊपर बह रही है। बाकी नदियां खतरे के स्तर से नीचे हैं।  प्रदेश सरकार बाढ़ से जन-धन की हानि नहीं होने देगी।