रिहा होने के बाद आज़म ख़ान के बेटे ने कहा मैं चुनाव लड़ूंगा भी जीतूंगा भी, जानें किस मामले में कैद थे पिता-पुत्र

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम खान को सभी मामलों में ज़मानत दे दी गई है। हालांकि आज़म ख़ान अब भी जेल में हैं। अब्दुल्ला आज़म पिछले 23 महीने से सीतापुर जेल में थे। कोर्ट से उन्हें 43 मामलों में ज़मानत मिली है। जेल से बाहर आने के बाद अब्दुल्ला आज़म ख़ान ने कहा, ‘मैं चुनाव लडूंगा भी और जीतूंगा भी,आज़म खान 9 बार विधायक रहें वे ऐसे मुक़दमें में जेल में बंद है जिसमें 8 लोगों को अग्रिम ज़मानत मिल गई है। इसबार अखिलेश जी 200% मुख्यमंत्री बनेंगे।’

उन्होंने कहा, ‘रामपुर में मौजूदा अधिकारियों के रहते इस मंडल में निष्पक्ष चुनाव नहीं हो सकता। सब दिशानिर्देश सिर्फ विपक्ष के लिए हैं… जो ज़ुल्म हम पर हो सकते थे, वो किए गए। आज भी मेरे पिता को वहां(जेल में) जान का खतरा है।’ अब्दुल्ला की रिहाई के दौरान सीतापुर जेल के बाहर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद थे। अब्दुल्ला ने कहा, मेरे वालिद के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए और बीमार आदमी को जेल भेजकर उनपर अत्याचार किया जा रहा है। उन्होंने मौजूदा सरकार पर साजिश का आरोप लगाया है। बता दें कि आजम खान जेल में ही कोरोना संक्रमित भी हो चुके हैं।

बता दें कि दो जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के मामले में आज़म ख़ान और अब्दुल्ला आज़म ख़ान पर केस दर्ज किया गया था। आज़म ख़ान की पत्नी को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया था। पासपोर्ट और पैनकार्ड पर दो जन्मतिथि दर्ज होने के मामले में भी एफआईआर दर्ज की गई थी। ज़मानत अर्जी ख़ारिज होने के बहाद अब्दुल्ला ने सुप्रीम कोर्ट में ज़मानत याचिका दी थी। आकाश सक्सेना नाम के एक वकील ने आज़म ख़ान और उनके परिवार के ख़िलाफ़ फर्जीवाड़े का मुकदमा दर्ज करवाया था। आकाश सक्सेना के मुकदमे की वजह से ही जौहर यूनिवर्सिटी पर सरकार का कंट्रोल हो गया और ईडी की जांच शुरू हो गई।