औरंगजेब ने कामाख्या मंदिर के लिए जमीन दान की थी: एआईयूडीएफ विधायक

गुवाहाटी। असम के गुवाहाटी में नीलाकल पहाड़ियों पर स्थित कामाख्या मंदिर तांत्रिक प्रथाओं के सबसे पुराने और सबसे प्रतिष्ठित केंद्रों में से एक है। देवी कामाख्या को समर्पित यह मंदिर अंबुबाची मेला का स्थल है।


असम के ढ़िंग विधानसभा क्षेत्र से एआईयूडीएफ विधायक अमीनुल इस्लाम ने दावा किया है कि मां कामाख्या मंदिर  के लिए औरंगजेब ने जमीन दान की थी। विधायक के इस बयान को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने नाराजगी जताई है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आपका एक विधायक जेल में है अगर इस तरह का बयान फिर से कोई देगा तो वह भी जेल भेज दिया जाएगा।

अमीनुल इस्लाम ने कहा कि औरंगजेब ने भारत में कई सौ मंदिरों को भूमि दान की थी, उसने वाराणसी में जंगमवाड़ी मंदिर को भी 178 हेक्टेयर भूमि दान की थी। कामाख्या मंदिर के लिए औरंगजेब का भूमि अनुदान अभी भी ब्रिटिश संग्रहालय में प्रदर्शित है। 

एआईयूडीएफ विधायक की विवादित टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि उनकी सरकार के तहत इस तरह के बयानों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।सीएम ने कहा कि इसी तरह के बयान के चलते विधायक शर्मन अली अब जेल में हैं। अगर अमीनुल भी दोबारा इस तरह के बयान देता है तो उसे भी जेल जाना पड़ेगा। मेरी सरकार में हमारी सभ्यता और संस्कृति के खिलाफ बयानबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर वह बाहर रहना चाहता है, तो वह अर्थशास्त्र की बात कर सकता है और हमारी आलोचना भी कर सकता है। कामाख्या, शंकरदेव, बुद्ध, महावीर जैन और यहां तक कि पैगंबर मोहम्मद को भी किसी को घसीटना नहीं चाहिए।

इस बीच, कुटुम्ब सुरक्षा मिशन नामक एक हिंदू संगठन ने एआईयूडीएफ विधायक अमीनुल इस्लाम के बयानों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।