पढ़िए सत्ता के चापलूसों को आइना दिखाता नवेद शिकोह का आर्टिकल : सुधीर जाहिल नेता हैं या पत्रकार !

खुल कर तो नहीं कहा पर बंद मायनों में सुधीर चौधरी ने दिल्ली की जनता को गद्दार, खुदगर्ज और देशद्रोही तक बोल दिया। उन्होंने जी न्यूज के डीएनए मे अपने विश्लेषण मे कहा कि दिल्ली की जनता को देश की कोई चिंता नहीं। देश टूटे-फूटे इससे उनका कोई लेना देना नहीं। बालाकोट और एयर स्ट्राइक से उसे कोई फर्क नहीं पड़ता। राष्ट्र, राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय मुद्दों से कोई लेना-देना नहीं। दिल्ली की जनता बस अपनी स्थानीय दुनिया तक सीमित रहना चाहती है।

सुधीर चौधरी ने दिल्ली के चुनावी नतीजों के अनुमानों पर विशलेषण करते हुए कहा कि दिल्ली के लोग देश के महत्त्वपूर्ण मुद्दों को केवल सोशल मीडिया तक सीमित रखना चाहते है। पार्टियों में ड्रिंक करते हुए वो राजनीति मुद्दों पर बात करते हैं । राजधानीवासी केवल अपने में मस्त रहना चाहते हैं। मुग़लों का राज वापस आ जायेगा..राम मंदिर.. कश्मीर में धारा 370.. इन बातों का इन पर कोई असर नहीं पड़ा।

भाजपा के दिल्ली हारने के अनुमान पर ही सुधीर चौधरी के विश्लेषण में आखिर इतना क्रोध और कुंठा क्यों फूट पड़ी ! सोशल मीडिया में जी न्यूज के कार्यक्रम में सुधीर की ऐसी पेशकश का वीडियो वायरल हो रहा है। सवाल उठाये जा रहे हैं कि एक पत्रकार जनादेश पर सवाल कैसे उठा सकता है। जनता अपने विवेक से मतदान करती है। वो किसी जिताये और किसे हराये ये उसका निजी अधिकार है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनादेश का सम्मान है। उसपर उंगली उठाने या सवाल खड़ा करने का किसी को हक़ नहीं।
दिल्ली की जनता पर सवाल उठाते सुधीर चौधरी के वीडियो के साथ उन्हें खूब ट्रोल किया जा रहा है। दिल्ली में मतदान के बाद एक्जिट पोल के सभी अनुमानों में भाजपा का बुरी तरह हारना और आप का बहुमत से जीतना बताया जा रहा है। इन अनुमानों से ही सुधीर चौधरी दिल्ली के मतदाताओं पर तिलमिलाए दिखाई दिए। एक पत्रकार का ऐसा रुख देखकर लोग सोशल मीडिया में लिख रहे हैं कि एक हारा हुआ जाहिल और घटिया नेता तो जनादेश पर सवाल उठाने की जेहालत कर सकता है, पर पर यदि एक पत्रकार ऐसा करे तो उसे पत्रकार तो नहीं कहा जा सकता है। बाकी आप कुछ भी कह वो… मसलन…

-लेखक नवेद शिकोह यूपी के वरिष्ठ पत्रकार हैं ।