पाकिस्तान में सेना और इमरान खान आमने-सामने, पत्रकार की हत्या पर ऐसे बढ़ा तनाव-

इस्लामाबाद | पाकिस्तान सेना के एक शीर्ष जनरल ने सैन्य संस्थानों में लोगों से विश्वास बनाए रखने की अपील करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि पाकिस्तानी सैन्यकर्मी गलतियां’ कर सकते हैं, लेकिन वे कभी भी ‘देशद्रोही या साजिशकर्ता’ नहीं हो सकते. सैन्य प्रवक्ता मेजर जनरल बाबर इफ्तिखार ने देश की शक्तिशाली जासूसी एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल नदीम अहमद अंजुम द्वारा एक अभूतपूर्व प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह टिप्पणी की, जिन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर परोक्ष रूप से हमला किया.

इफ्तिखार ने कहा, ‘हम गलतियां कर सकते हैं, लेकिन देशद्रोही या साजिशकर्ता कभी नहीं हो सकते. लोगों के बिना सेना कुछ भी नहीं है.’ उन्होंने कहा, ‘अगर हमने अतीत में गलती की है, तो हम पिछले बीस वर्षों से उन्हें अपने खून से धो रहे हैं. हम पाकिस्तान के लोगों को कभी नाकाम नहीं करेंगे, यह हमारा वादा है.’ उन्होंने कहा कि सेना चाहती है कि पत्रकार अरशद शरीफ की हत्या के बारे में तथ्य सामने आए, जिनकी रविवार रात केन्या में नैरोबी से एक घंटे की दूरी पर स्थित एक पुलिस चौकी पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिससे देश में सियासी घमासान शुरू हो गया.

अरशद शरीफ इमरान से निकटता के लिए जाने जाते थे-
केन्या की पुलिस ने बाद में कहा कि यह एक बच्चे के अपहरण के मामले में एक कार की तलाशी के दौरान ‘‘गलत पहचान’’ का मामला था. प्रवक्ता ने कहा, ‘इसलिए सरकार से एक उच्च स्तरीय जांच आयोग गठित करने का अनुरोध किया गया है.’ एआरवाई टीवी के पूर्व रिपोर्टर और एंकर अरशद शरीफ पूर्व प्रधानमंत्री खान से निकटता के लिए जाने जाते थे. पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों द्वारा ‘‘राष्ट्र विरोधी’’ विमर्श को आगे बढ़ाने के आरोप में मामला दर्ज किए जाने के बाद वह इस साल की शुरुआत में केन्या भाग गए थे. अरशद के पार्थिव शरीर को पाकिस्तान लाया गया और बृहस्पतिवार को दफनाया गया, जिसमें हजारों लोग उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए.

‘अरशद शरीफ की नृशंस हत्या से स्तब्ध हूं’
सेना के प्रवक्ता ने कहा कि एआरवाई चैनल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सलमान इकबाल को भी ‘पाकिस्तान वापस लाया जाना चाहिए’ और जांच का हिस्सा बनाया जाना क्योंकि उनका नाम बार-बार सामने आया है. उन्होंने कहा, ‘यह निर्धारित करना होगा कि उनकी (पत्रकार की) हत्या से वास्तव में किसे फायदा हुआ.’ खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ और उसके वरिष्ठ नेताओं ने अरशद की हत्या की निंदा की और विस्तृत जांच की मांग की. खान ने ट्वीट किया, ‘सच बोलने की कीमत चुकाने वाले अरशद शरीफ की नृशंस हत्या से स्तब्ध हूं. उन्हें देश छोड़ना पड़ा और विदेश में छिपना पड़ा, लेकिन उन्होंने सोशल मीडिया पर ताकतवर को बेनकाब करते हुए सच बोलना जारी रखा. आज पूरा देश उनके निधन पर शोक व्यक्त करता है.’