आतंकी धमकियों के बावजूद 500 ट्रक सेब प्रतिदिन निकलता है कश्मीर से

आतंकी धमकियों के बावजूद लगभग 500 ट्रक प्रतिदिन घाटी से दूसरे राज्यों के बाजारों के लिए निकल रहे हैं। इससे उन बागवानों को बड़ी राहत मिल रही है जो पाबंदियों के कारण सेब की फसल को लेकर चिंतित थे।

स्थानीय बाजार के जानकार बता रहे हैं कि सरकारी एजेंसी नेफेड की खरीदारी से बागवानों को बड़ा सहारा मिला है। वह कहते हैं कि सरकार के आग्रह पर यदि नेफेड ने सेब खरीदने की पहल नहीं की होती तो उन्हें काफी नुकसान होता। सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य ने भी राहत दी है।

दूसरी ओर आतंकवादी अपना खौफ बनाए रखने के लिए लगातार धमकियां दे रहे हैं। इससे चालू वर्ष के सितंबर माह में सेब के व्यवसाय में लगभग 30 हजार टन की कमी आई है। पिछले वर्ष सितंबर तक व्यापारियों ने 80 हजार टन सेब का व्यापार किया था। इस वर्ष यह आंकड़ा 50 हजार से नीचे है। इसका कारण है कि आतंकी न सिर्फ बाग मालिकों को धमका रहे हैं बल्कि पिटाई करने के साथ बाहर फल ले जाने वाले ट्रकों को आग भी लगा दे रहे हैं।

दक्षिण कश्मीर के उग्रवाद प्रभावित शोपियां जिले के एक व्यापारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वह इस बारे में पुलिस को लगातार संदेश भेज रहे हैं। व्यापारी ने बताया कि उसने रात के समय यहां से ट्रक में सेब लादकर नई दिल्ली ले गया और वहां उसे बिक्री करने के बाद 60 हजार रुपये की आमदनी हुई। लेकिन घर लौटने पर तीन आतंकवादियों ने उससे संपर्क कर कहा कि वह एक विकल्प चुन ले। या तो उसके ट्रक को आग लगा दी जाए अथवा वह पैर में गोली खाने के लिए तैयार रहे। अंतत: आतंकियों ने उसके ट्रक को आग लगा दी। अब ट्रक की मरम्मत में डेढ़ लाख रुपये खर्च होंगे। व्यापारी ने कहा कि इस घटनाक्रम ने उसे डरा दिया है।

दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि सितंबर के मध्य तक आतंकी धमकियों और पिटाई की कम से कम चालीस घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

श्रीनगर के सिविल लाइंस इलाके के जवाहर नगर बाजार के एक व्यवसायी रियाज वानी ने कहा, हम स्थानीय मस्जिदों से जो समय तय किया गया उसके हिसाब से सुबह दुकान खोलते हैं और नौ बजे बंद कर देते हैं इसके बाद शाम को छह बजे दुकान खोल कर रात में 10 बजे बंद कर रहे हैं।