बौद्ध धर्म के सबसे बड़े पर्व 14वें अंतर्राष्ट्रीय वैसाख दिवस में शामिल हुए PM मोदी

कोलंबो। दो दिन की श्रीलंका यात्रा पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को बौद्ध धर्म के सबसे बड़े पर्व 14वें अंतर्राष्ट्रीय वैसाख दिवस में शामिल हुए। मोदी जी ने इस अंतर्राष्ट्रीय मंच से भारत को बुद्ध की धरती बताते हुए शांति का हिमायती बताया, तो वहीं इशारों में आतंकवाद और हिंसा के लिए जिम्मेदार बताते हुए पाकिस्तान को भी निशाने पर लिया। मोदी जी ने कहा कि बुद्ध द्वारा दिए गया शांति का संदेश ही दुनियाभर में फैल रही हिंसा का जवाब है। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने अगस्त से कोलंबो और वाराणसी के बीच सीधी फ्लाइट शुरू किए जाने का ऐलान किया।
अपने संबोधन की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने भारत-श्रीलंका संबंधों के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि बुद्ध के समय से ही दोनों देशों की दोस्ती रही है। उन्होंने कहा, ‘हमारा क्षेत्र सौभाग्यशाली है कि उसने दुनिया को बुद्ध और उनके उपदेश जैसे अमूल्य उपहार दिये। मैं सम्यकसमबुद्ध, पूर्ण चैतन्य की भूमि से अपने साथ 1.25 अरब लोगों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं।’
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया में शांति कायम रखने के लिए सबसे बड़ी चुनौती दो देशों के बीच होने वाला विवाद नहीं, बल्कि एक खास विचारधारा है। उन्होंने कहा, ‘नफरत और हिंसा के विचार में डूबे रहने वाले लोग ही शांति के सबसे बड़ा खतरा हैं। हमारे श्रेत्र में आतंकवाद की समस्या इसी विध्वंसक विचारधारा को दर्शाती है।’
पाकिस्तान को निशाने पर लेते हुए उन्होंने कहा, ‘दुख की बात है कि हमारे क्षेत्र में नफरत की इन विचारधाराओं को फैलाने वाले बातचीत के लिए राजी नहीं हैं, वे सिर्फ मौत और विनाश का काम कर रहे हैं।’
मोदी ने कोलंबो और वाराणसी के बीच सीधी फ्लाइट शरू किए जाने का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा, ‘अगस्त से एयर इंडिया कोलंबों और वाराणसी के बीच सीधी फ्लाइट ऑपरेट करेगी जिससे श्रीलंका के लोगों को बुद्ध की धरती तक पहुंचने में आसानी होगी। मेरे तमिल भाई और बहन भी काशी विश्वनाथ की नगरी वाराणसी आ पाएंगे।’
बता दें कि वैसाख दिवस भगवान बुद्ध के जन्म, उन्हें बुद्धत्व की प्राप्ति और उनके महापरिनिर्वाण के संदर्भ में मनाया जाता है। मार्च 2015 के बाद प्रधानमंत्री के रूप में मोदी का दूसरा श्रीलंका दौरा है। श्रीलंका ने पहली दफा अंतर्राष्ट्रीय वैसाख दिवस की मेजबानी की है।