जयंत चौधरी का एलान, सरकार बनी तो एक करोड़ को देंगे रोजगार, किसान निधि करेंगे दोगुना

अलीगढ़। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि प्रदेश में सरकार आने पर पांच साल में एक करोड़ बेरोजगारों को रोजगार दिया जाएगा। आज ही के दिन अगले वर्ष किसान दिवस पर किसान सम्मान निधि छह हजार से दोगुना करके 12 हजार कर देंगे। इसलिए इगलास सहित प्रदेश से सपा-रालोद गठबंधन को जिताओ, प्रदेश में सरकार बनाओ, तभी इगलास की मशहूर चमचम खाने आऊंगा। उन्होंने किसान आंदोलन पर कहा कि आज तक मोदी ने अपने घर में भी माफी नहीं मांगी होगी।

नोटबंदी के दौरान हुई दुश्वारियों के बाद भी उन्होंने देश की जनता से माफी नहीं मांगी, लेकिन किसानों से माफी मांगी है। यह हमारी आप सब की जीत है। यह किसानों की जीत है। भाजपा को एहसास हो गया है कि वह किसानों से लोहा लेगें तो हार जाएंगे। वह बृहस्पतिवार को पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती किसान दिवस पर इगलास में आयोजित सपा-रालोद की संयुक्त परिवर्तन संदेश रैली को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि रैली में उमड़ी भीड़ हम सबके के लिए शुभ संकेत है। अखिलेश यादव से हाथ मिलाया है, चौधरी चरण सिंह के पुराने समीकरण लौटाने के लिए यह सही होगा। चौधरी चरण सिंह की जयंती पर हर जगह कार्यक्रम होते हैं, जहां उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है। यह पहला मौका होगा, जब चौधरी अजित सिंह हमारे बीच नहीं हैं। यह भावुक पल है। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन में करीब 700 किसान मारे गए। अगर सपा-रालोद की सरकार प्रदेश में आएगी तो मृत किसानों को शहीद का दर्जा देंगे और उनके परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा भी देंगे। यह उन्हें हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। जयंत चौधरी ने कहा कि चौधरी चरण सिंह कहते थे ‘एक आंख खेत पर रखो और एक देश की राजनीति पर रखो’।

आज फिर वही समय है, क्योंकि भाजपा ने किसानों के साथ छलावा किया है। सात दिन में नया साल 2022 आने वाला है। मोदी जी ने कहा था कि सात साल में किसानों की आय दोगुना कर देंगे। किसी की आय दोगुना हुई है क्या। किसी की नहीं हुई। चरण सिंह का दिमाग अर्थशास्त्री, दिल किसान का था। वे गांव किसान की भाषा बोलते समझते व अंग्रेजी में किताब लिखते थे। वे जानते थे कि देश के मुद्दे गांव में पहुंचाने हैं। उन्हीं की तरह हमें काम करना है। आज अखबार विज्ञापन से पाट दिए गए हैं। किसान खुशहाल हो गए, आय दोगुना हो गई। मगर मैं आंकड़े बताना चाहता हूं। आज देश में प्रतिव्यक्ति औसत आय 86,659 रुपये और यूपी में 41030 रुपये यानि आधे से भी कम है।

2016-17 में अखिलेश मुख्यमंत्री थे, तब प्रदेश की जीडीपी 6.6 फीसदी थी, लेकिन भाजपा राज में 1.9 फीसदी रह गई है। क्योंकि योगी बैलेंस शीट को समझ नहीं सकते। वह अधिकारियों के लाए फाइल पर बिना पढ़े हस्ताक्षर कर देते हैं। वही बयान दे देते हैं। मैं अर्थशास्त्र का छात्र रहा हूं। देश व यूपी की वित्तीय हालत बेहद खराब है। साधारण किसान परिवार गुजारा नहीं कर सकता। हमारे नौजवानों को नौकरी नहीं मिल रही। ध्यान रखना नौकरी न मिली तो शादी नहीं। इनका बस चले तो इनकी तरह कुंवारे रह जाओगे। शादी करानी है तो नौकरी चाहिए। प्रदेश में आईटीआई सहित तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे 67 फीसदी युवा बेरोजगार हैं। 2012 में यह आंकड़ा सिर्फ 13 फीसदी था।

मतलब आपके पास डिप्लोमा व अन्य महंगी डिग्री है, मगर नौकरी नहीं है। जीविका का कोई आधार नहीं है। कितने बच्चे डिप्लोमा कर चुके, मगर खेत में मजदूरी करनी पड़ रही है। हजारों का बिजली का बिल आता है। लोग बिल चुका नहीं पा रहे। मजदूर व रोज काम खोजने वाला क्या हजारों का बिल चुका सकता है। रालोद अध्यक्ष ने कहा कि योगी जी प्रचार करते हैं कि हमने प्रदेश की कानून व्यवस्था सुधार ली। मगर हालात ये हैं कि प्रदेश में हर दो घंटे में महिला संग दुष्कर्म, 90 मिनट में बच्ची से रेप या अश्लील हरकत हो रही है। हाथरस में जो हुआ किसी से छिपा नहीं है। रात के अंधेरे में परिवार को मौका नहीं दिया कि बेटी के अंतिम दर्शन कर सकें। ये जाहिल लोग, जो सेंगर को बचाने में जुटे थे, हाथरस के अपराधियों को बचाने में जुटे थे।

इन लोगों की पहचान कर लो। मोदी जी कहते हैं कि कपड़ों से पहचान होती है। योगी जी कहते हैं कि गुंडों को भगाएंगे। मैंने पुलिस की लाठी खाई। मेरा पुलिस से कोई बैर नहीं। आपके लिए 100 लाठी खानी पड़ी तो खाऊंगा, मगर वर्दी पहनने वालों का ख्याल रखेंगे। उन्होंने चरण सिंह का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रदेश में सीबी गुप्ता की सरकार में चौधरी साहब गृहमंत्री थे। उन पर नेताओं पर लगे मुकदमे वापस लेने का दबाव बना, उन्होंने दबाव नहीं माना और सरकार से इस्तीफा दे दिया। पुलिस की तनख्वाह बढ़ाई। दूसरी ओर योगी आदित्यनाथ ने सत्ता में आने पर खुद पर और अपने नेताओं पर दर्ज मुकदमे वापस ले लिए हैं। ये क्या गुंडों को भगाएंगे।