आरआरबी-एनटीपीसी पर शांत नहीं हो रहा आक्रोशित छात्रों का गुस्सा, ट्रेन को लगाई आग, स्टेशन पर किया पथराव, पीएम मोदी का पुतला जलाया

पटना। बिहार में रेलवे भर्ती बोर्ड की एनटीपीसी परीक्षा में धांधली के विरोध में छात्र बहुत ज्यादा उग्र हो गए। तीसरे दिन के विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने गया में आज ट्रेन में आग लगा दी। इस घटना पर गया के एसएसपी आदित्य कुमार ने कहा छात्र किसी के बहकावे में न आएं। सरकारी संपत्ति को नुकसान न पहुंचाएं। रेलवे ने एक कमेटी का गठन किया है जो जांच करेगी। कुछ छात्रों की पहचान हुई है। कार्रवाई जारी है। एसएसपी आदित्य कुमार ने दावा करते हुए कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है। वहीं छात्रों के बढ़ते प्रदर्शन को देखते हुए अब रेलवे बोर्ड प्रेस वार्ता करेगा करने का फैसला लिया है। यह प्रेस वार्ता आज दोपहर 3.30 बजे होगी।

मंगलवार को भी छात्रों ने दिल्ली-हावड़ा मेन लाइन पर बक्सर और बिहार शरीफ में छात्रों के हुजूम ने रेलवे ट्रैक जाम कर हंगामा किया तो मुजफ्फरपुर में गोंदिया एक्सप्रेस को रोक दिया। इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागने के साथ लाठीचार्ज कर उन्हें खदेड़ दिया। मंगलवार सुबह छात्रों ने बक्सर रेलवे स्टेशन पर ट्रैक जाम कर केंद्र के खिलाफ नारेबाजी की। इससे पटना-वाराणसी रेल खंड पर ट्रेनों की आवाजाही ठप हो गई। दो ट्रेनें स्टेशन पर खड़ी रहीं। इटाढ़ी गुमटी पर भी एक ट्रेन खड़ी थी। बिहार शरीफ स्टेशन पर छात्रों का हुजूम ट्रैक पर खड़ा हो गया। इससे दिल्ली जाने वाली श्रमजीवी एक्सप्रेस डेढ़ घंटे तक आउटर सिग्नल पर खड़ी रही।

दिल्ली-हावड़ा मेन लाइन पर सफर कर रहे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। ट्रैक पर जगह-जगह ट्रेनें खड़ी हो गईं। कई ट्रेनों का रूट बदला गया तो कई का परिचालन घंटों बाद हुआ। बिहार और रेलवे पुलिस ने छात्रों को समझाने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रही। इसके बाद हंगामा कर रहे छात्रों पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठियां भांजीं। मंगलवार को उग्र छात्रों ने आरा में एक पैसेंजर ट्रेन को आग लगा दी और पुलिस पर पथराव किया। एक अधिकारी ने बताया कि वीडियो रिकॉर्ड किए गए हैं और आरोपी प्रदर्शनकारियों को जांच के बाद गिरफ्तार किया जाएगा।

बता दें की पटना समेत कई जगहों पर सोमवार को भी छात्रों ने प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के कारण सोमवार को पटना में ट्रेनों को रद्द करना पड़ा था। जिसके बाद मंगलवार को रेलवे की ओर से एक नोटिस जारी किया गया था। जिसमें कहा गया था कि इस तरह की दिशाहीन गतिविधियां करने वाले लोगों को रेलवे में भर्ती नहीं दी जाएगी। गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल अभ्यर्थियों या नौकरी के इच्छुक अन्य लोगों की रेलवे में भर्ती पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।