AMU : फैजुल हसन ने हिन्दू वाहिनी को दिखाया आईना, बोले- हिम्मत है तो मोदी और DU का फूंको पुतला !

अलीगढ | मोदी सरकार में अब हिंदूवादी खुलकर गुंडागर्दी और मनमानी पर उतर आये हैं | केंद्र में बैठी मोदी सरकार ने रक्षाबंधन पर अवकाश घोषित नहीं किया है जिसके चलते दिल्ली यूनिवर्सिटी और अमुवि में भी अवकाश नहीं हुआ है |   हिन्दू युवा वाहिनी द्वारा अमुवि  में  रक्षाबंधन का अवकाश न होने पर बाब-ए-सैयद के गेट पर अमुवि का पुतला फूंकने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है | अमुवि के छात्र संघ अध्यक्ष फैजुल हसन ने हिन्दू युवा वाहिनी के पुतला फूंकने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और पुतला दहन को ओछी मानसिकता बताया है | उन्होंने हिन्दू युवा वाहिनी से मोदी सरकार का पुतला फूंकने का आव्हान किया है कि आखिर क्यों मोदी सरकार ने रक्षा बंधन पर अवकाश घोषित नहीं किया है | दिल्ली यूनिवर्सिटी में भी रक्षा बंधन का अवकाश नहीं किया गया है, लेकिन  हिंदूवादी उसे लेकर विरोध नहीं कर रहे हैं | कारण स्पष्ट है कि अमुवि को अल्पसंख्यक संस्थान माना जाता है जिसके खिलाफ हिंदूवादी मुखर रहते हैं | हियुवा के कार्यकर्ताओं को अब अमुवि के छात्र संघ अध्यक्ष फैजुल हसन ने आईना दिखाया है | पढ़िए उनका यह फेसबुक पोस्ट-

“गोवलकर और सावरकर की औलादों में कुछ ज़्यादा ही कीड़ा लग गया है हिन्दुराष्ट्र बनाने का। हमारे वीसी का पुतला दहन करना तुम्हारी गन्दी मानसिकता दर्शाती है।आये दिन कुछ शोहरत के मोहताज लोग अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पीछे पड़े रहते हैं की यहाँ भेदभाव हो रहा है। हिन्दू धर्म के बच्चों के साथ बहुत नाइंसाफी और अत्त्याचार हो रहा है। मैं  फैज़ुल हसन एक  हिंदुस्तानी मुसलमान होने के कारण AMU में प्रवेश नहीं मिल गया बल्कि हमने टेस्ट पास किया है और सारी प्रक्रिया पूरी होने पर एडमिशन मिला है। इसके नाम में मुस्लिम लग जाने से यहाँ सिर्फ मुसलमानों को ही नहीं एडमिशन मिल जाता है बल्कि जिस भी धर्म के बच्चों के अंदर सलाहियत होती है और वो टेस्ट में पास कर् लेता है इसलिये मिलता है वरना यहाँ धर्म के आधार पर अगर एडमिशन होता तो सिर्फ मुस्लिम समुदाय के ही बच्चे पढ़ते। ठीक उसी प्रकार जिस तरह बनारस हिंदू विश्वविद्धालय में सिर्फ हिंदुओं को ही नहीं एडमिशन मिलता है। वहाँ भी सारे धर्म के बच्चे पढ़ते हैं। अब बात आती है कल की रक्षाबंधन छुट्टी की तो ये यूनिवर्सिटी केन्द्र सरकार के अधीन आती है और ये तब तक बाध्य नहीं है जबतक केंद्र सरकार कोई आदेश न दे। और दिल्ली यूनिवर्सिटी और दिल्ली के किसी भी बैंकों में कल छुट्टी नही है रक्षाबंधन की। अब तो मोदी सरकार का पुतला दहन होना चाहिए| उन्होंने आज क्यों नहीं आदेश दिया पूरे देश को  रक्षाबंधन की छुट्टी के बारे में। शायद उनकी कोई बहन नही होगी ? और योगी आदित्यनाथ सरकार बनाते ही 15 छुट्टियों को खत्म कर दिया जिसमें 3 बड़ी छुट्टियां जैसे  ईद मिलादुन्नबी (2 दिसम्बर 2017),  अलविदा जो ईद से पहले आखरी जुमे की (23 जून 2017) और  हज़रत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती र.अ. (14 अप्रेल 2017) लेकिन किसी ने भी इसका विरोध नही किया न ही उनका पुतला दहन किया। लेकिन इसी तरह के नफ़रत के पुजारियों की वजहों से हिंदुस्ताँनी चीन और पाकिस्तान से लड़ने के बजाए आपस में ही लड़ते रहेंगें।

अभी तक ये नहीँ समझ में आया है कि क्या बीजेपी विपक्ष में है जो आये दिन उनके भक्त पुतला दहन और विरोध प्रदर्शन करते रहते हैं। अगर इतना ही सिस्टम बुरा है तो बोलो अपनी सरकार से की वो कानून बनाये अब किस दिन का और इन्तिज़ार है जब  राष्ट्रपति,  उपराष्ट्रपति,  प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष और बड़े पदों पर  आरएसएस के लोग हैं। हमें शान्ति पसंद है जीने दो साहब हमारी आत्मा ज़्यादा बर्दाश्त नहीं कर पायेगी। किसी दिन ऐक्शन का रिएक्शन भी बहुत बड़ा होगा। आज तुमने पुतला हमारे वीसी का दहन किया है कल हमने अगर मोदी का पुतला दहन करना शुरु कर दिया तो पूरे हिंदुस्ताँन में फिर कोई जगह नहीं बचेगी।हम हिंदुस्ताँन में अमन चैन चाहते हैं।”

-लेखक फैजुल हसन अमुवि के छात्र संघ अध्यक्ष हैं |