‘मेरा कैंपस डॉक्टर,इंजीनियर बनाता है आतंकवादी नहीँ’ पढ़िए AMU छात्रों ने मन्नान के आतंकी बनने की खबरों के बाद क्या कहा-

अलीगढ | अमुवि के कश्मीरी स्कॉलर छात्र मन्नान वानी के आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़ने की ख़बरों के बाद कैंपस में हडकंप मचा हुआ है | छात्रों में भी तरह तरह की चर्चाएँ हैं | सोमवार को हबीब हॉस्टल में पुलिस की छापेमारी के बाद अमुवि के छात्रों और नेताओं ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं | आतंकी से किसी भी तरह कैंपस को न जोड़ने का मीडिया से आग्रह किया है और देश के कानून व्यवस्था को अपना काम करने देने की अपील की है | बताते चलें कि पहले से ही हिंदुवादियों के निशाने पर अमुवि रहा है, आतंकी से कनेक्शन के बाद अब कैंपस को एक बार फिर निशाने पर लिया जा सकता है | अमुवि की बदनामी से छात्रों में भय है | छात्र नेताओं ने यह दी अपनी प्रतिक्रियां-

निष्पक्ष जांच हो, कैंपस को न घसीटा जाये-
“अमुवि छात्र संघ के अध्यक्ष मशकूर अहमद उस्मानी ने मन्नान वानी के आतंकी बनने की खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि खबर चिंतनीय हैं | मन्नान के मामले में जांच चल रही है, निष्पक्ष जांच हो और हकीकत सभी के सामने आनी चाहिए | उन्होंने कहा कि मन्नान आतंकी है तो कानून अपना काम करे लेकिन यूनिवर्सिटी को न घसीटा जाये | उन्होंने कहा कि यूनियन प्रशासन को जांच में मदद कर रहा है | उन्होंने कहा कि यदि यह खबर सच है तो सरकार को सोचना चाहिए’

मेरा कैंपस डॉक्टर,इंजीनियर बनाता है आतंकवादी नहीँ-
‘अमुवि छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि, किसी से किसी को जोड़ना। किसी को सिर्फ फ्रेम करने से वो आतंकी नहीं हो जाता। आप पूरे कैंपस को उसमें न घसीटे। मीडिया ट्रायल जायज़ नहीं है! चाहे वो मन्नान हो या कोई और। कानून अपना काम करे! इन्वेस्टीगेशन फेयर हो हम सब साथ हैं एडमिनिस्ट्रेशन के! लेकिन किसी को अगर वो बेगुनाह हो तो न फसाया जाय। मेरा कैम्पस डॉक्टर इंजीनियर बनाता है आतंकवादी नहीँ। यहाँ कभी भी ऐसा कुछ नहीं हुआ है।’

आतंकी का कोई धर्म नहीं होता-
अमुवि के पूर्व छात्र अब्दुल रईस एड कहते हैं कि मन्नान के मामले में अभी प्राथमिक जांच चल रही है, सुरक्षा एजेंसियां निष्पक्ष जांच करती हैं | उन्होंने कहा कि यदि खबर सही है तो सजा मिलनी चाहिए, आतंकी का कौई धर्म और मजहब नहीं होता | अमुवि को बदनाम न किया जाये |’

अमुवि में सोमवार सुबह से ही तरह तरह की चर्चाओं का माहौल है | कैंपस के छात्र अपने इदारे को बदनामी से बचाने के लिए सोशल मीडिया पर मोर्चा खोले हुए हैं | सभी का एक सुर में यही कहना है कि रिसर्च स्कॉलर मन्नान वानी यदि आतंकी गतिविधियों में शामिल है तो उसे सजा मिलनी चाहिए लेकिन एक छात्र की वजह से यूनिवर्सिटी को बदनाम न किया जाये | खैर, यह तो अब जांच एजेंसियों की रिपोर्ट ही तय करेगी कि आखिर मन्नान वानी का सच क्या है ?