जेलेंस्की को अमेरिका ने दिया यूक्रेन छोड़ने का ऑफर, राष्ट्रपति बोले- गद्दारी नहीं करूंगा, गाड़ी नहीं- हथियार चाहिए

नयी दिल्ली। अमेरिकी खुफिया एजेंसी के प्रमुख ने जेलेंस्की से जनवरी में मुलाकात की थी और उन्हें उनकी सुरक्षा के लिए आगाह किया था। युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिका की ओर से जेलेंस्की को यूक्रेन से निकालने का ऑफर भी दिया गया था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया।

15 अगस्त, 2021…यानि जब अफगानिस्तान पर तालिबान ने हमला किया था, तो राष्ट्रपति अशरफ गनी सबसे देश छोड़कर भाग निकले थे। उन्हें यूएई ने शरण दी थी। लेकिन दूसरी तरफ यूक्रेन के राष्ट्रपति वेलोडिमीर जेलेंस्की हैं। जिन्होंने यह जानते हुए भी घुटने टेकने से इंकार कर दिया है कि, उनकी सेना ज्यादा देर तक रूस को रोक कर नहीं रख पाएगी। जेलेंस्की ने यूक्रेन की हिफाजत के लिए अमेरिका के आए उस ऑफर को भी ठुकरा दिया है, जिसमें उन्हें सुरक्षित निकालने की पेशकश की गई थी।

वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने रूसी हमले के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वेलोडिमीर जेलेंस्की को देश से निकालने का प्रस्ताव दिया था। हालांकि, जेलेंस्की ने इसके लिए मना कर दिया है। उन्होंने कहा है कि, उन्हें लड़ने के लिए हथियार चाहिए, गाड़ी नहीं।

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के निदेकश विलियम जे.बर्न्स ने जनवरी में जेलेंस्की से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति को उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चेतावनी दी थी। इसके बाद रूस की ओर से हुआ घटनाक्रम तेजी से बढ़ा और अब कीव पर कब्जे की लड़ाई अंतिम चरण तक आ पहुंची है। इस लड़ाई के बीच अमेरिकी सरकार की ओर से कहा गया है कि, अमेरिका जेलेंस्की को कभी भी यूक्रेन से निकालने के लिए तैयार है। ताकि, उनको रूसी सैनिकों द्वारा पकड़े जाने या मारे जाने से बचाया जा सके।

अमेरिका की ओर से इस प्रस्ताव के बीच जेलेंस्की ने एक वीडियो जारी किया। इसमें उन्होंने संदेश दिया है, कि वह यूक्रेन की आजादी के लिए अंत तक लड़ेंगे। वीडियो में वह कहते हैं कि, हम सब यहां हैं। हमारी सेना यहां है। सभी नागरिक यहां हैं। हम सब यहां अपनी आजादी, अपने देश की रक्षा कर रहे हैं, और इसी तरह करते रहेंगे।

जेलेंस्की ने इस वीडियो से पहले भी एक वीडियो जारी किया था, कि वह रूसी सैनिकों की हिट लिस्ट में हैं और टारगेट नंबर वन हैं। वह आगे कहते हैं कि टारगेट नंबर टू उनका परिवार है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने पहले ही जेलेंस्की को आगाह कर दिया था कि वह टारगेट पर हैं और जनवरी से ही रूसी हिट टीमें यूक्रेन में थीं।