अलीगढ : योगी से मिलने को गिडगिडाती रही बेबस महिला, किसी ने नहीं सुनी फरियाद

अलीगढ | यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही पीड़ितों से सीधे मिलने के दावे करें लेकिन हकीकत इसके विपरीत है | सोमवार को अलीगढ दौरे पर आये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने के लिए आये पीड़ितों की किसी ने सुध नहीं ली | मुख्यमंत्री से दुखड़ा रोने आये लोगों ने सीएम के काफिले को भी रोकने की कोशिश की लेकिन किसी का दिल नहीं पसीजा | अलीगढ में दौ जगह पीड़ितों ने सीएम योगी के काफिले को रोकने की कोशिश की | कृष्णान्जली में सभा करने के बाद जैसे ही सीएम निकले तो एक बुजुर्ग महिला काफिले के आगे लेट गई | यह महिला अपने बेटे के हत्यारोपियो की गिरफ्तारी की मांग लेकर योगी से न्याय की आस लिए आई थी |
कृष्णांजलि नाट्यशाला से जब मुख्यमंत्री नुमाइश गेस्ट हाउस की ओर रवाना हुए तो कश्मीरी मार्केट के पास गांधीपार्क डोरी नगर की कमलेश ने काफिला रोकने की कोशिश की। कमलेश के 11 वर्षीय बेटे की हत्या कर दी गई है। जैसे ही कमलेश मुख्यमंत्री के काफिले के पायलट के सामने आयी तभी वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने उसे एक ओर खींच लिया। इसके बाद काफिला गुजर गया। बाद में कमलेश ने बताया कि 24 जुलाई 2015 उसका बेटा लापता हो गया था। वह अनूपशहर बहेरिया के एक आश्रम में पढ़ता था। बाद में उसका शव मिला। इस मामले में नामजद आरोपी अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं।  सीएम  के जाने के बाद कमलेश ने अपनी फरियाद लिए नेता, अधिकारियों और सभी बड़े लोगों न्याय की गुहार लगाती रही लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी | संवेदनाओ का दावा करने वाली भाजपा के सभी नेताओ इस बेबस महिला से दर्द जानना भी ठीक नहीं समझा | भीषण गर्मी में कमलेश अपनी फरियाद लेकर भटकती रही और हार थक कर वापिस चली गयी
वहीँ शहर के सासनी गेट परi महिलाओं नेगी के काफिले को रोकने का प्रयास किया |

सीएम योगी द्वारा शिकायत लेकर आये लोगो से न मिलना भी शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है | योगी से न्याय की आस लिए गए पीड़ित सरकार को कोसते हुए वापिस हुए |