इलाहाबाद : विद्युत शवदाहगृह को मूलभूत सुविधाओं से किया जाये स्थापित – विधायक विक्रमजीत

शशांक मिश्रा/इलाहबाद | रामायण के सामाजिक समानता के सदर्भों को महत्व देते हुए तथा कुम्भ 2019 की परिधि मे आने वाले सभी तीर्थस्थलों एवं पर्यटन स्थलों का विकास करने के संकल्प को मूतरूप देते हुए इलाहाबाद प्रशासन, इलाहाबाद के श्रृंगवेरपुर को सुविधाओं से परिपूर्ण तीर्थ एवं एक पौराणिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना बना चुका है। इस क्रम में मण्डलायुक्त डॉ. आशीष कुमार गोयल की अध्यक्षता में अपने कार्यालय स्थित सभागार में श्रृंगवेरपुर में मूलभूत सुविधाओं के विकास तथा श्रृंगवेरपुर के महत्व कायम रखने के लिए प्रतिवर्ष एक महोत्सव आयोजित किये जाने की रूपरेखा बनायी गयी। इस बैठक में विशेष आमंत्रित जनप्रतिनिधि के रूप में उस क्षेत्र के विधायक विक्रमाजीत मौर्य, अन्य क्षेत्रिय नागरिक, क्षेत्रिय पर्यटन अधिकारी, प्रोजेक्ट कारर्पोरेशन एवं पीडब्लूडी के अधिकारी उपस्थित थे।

श्रृंगवेरपुर में इसी वर्ष से एक तीन दिवसीय महोत्सव आयोजित करने तथा प्रतिवर्ष इस महोत्सव को नियमित रूप से सम्पन्न कराते रहने की जिम्मेदारी मूलरूप से पर्यटन विभाग को निर्देशित की गयी है। जिसमें श्रृंगवेरपुर को राष्ट्रीय राज्यमार्गो से सम्पर्क विकसित करने तथा श्रृंगवेरपुर बस्ती से गंगा तट तक चकर्डप्लेटों इत्यादि बिछाने की जिम्मेदारी पीडब्लूडी तथा सांस्कृतिक आयोजन एवं अन्य जन सुविधाओं के विकास के लिए व्यापक विचार-विमर्श के उपरान्त सम्बन्धी विभागों की जिम्मेदारी तय की गयी है। मण्डलायुक्त ने इस बात पर प्रकाश डाला कि श्रृंगवेरपुर में महोत्सव का आयोजन किया जाना तथा उस स्थान को एक पौराणिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना मुख्यमंत्री का एक प्रबल संकल्प है इसे विगत सितम्बर माह में अपने आगमन के समय परेड़ ग्राउण्ड स्थित कार्यक्रम में अभिव्यक्त कर चुके है। श्रृंगवेरपुर का महत्व न केवल रामायण के कथा से जुड़ा है बल्कि भगवान राम के द्वारा समाज के निचले और उपेक्षित वर्गो को बराबरी का दर्जा दिये जाने से भी जुड़ा है। इसलिए इस स्थान का महत्व तीर्थस्थल के साथ-साथ एक सामाजिक समानता के सन्दर्भ में भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इस स्थल के विकास के लिए मण्डलायुक्त ने उपस्थित विधायक एवं अन्य जन प्रतिनिधियों से भी उनके सुझाव मांगे तथा यह अवगत कराया कि वे कुछ दिनों पूर्व श्रृंगवेरपुर का भ्रमण करके वहाँ विकास की जरूरतों को देख आये है।

मण्डलायुक्त को विधायक ने अवगत कराया कि वहां धार्मिक स्थल एवं गंगा तट के मध्य अधिकाधिक संख्या में स्थायी शौचालय के निर्माण की जरूरत है ताकि इस क्षेत्र को खुले से शौच मुक्त रखा जाय। भारत सरकार द्वारा इस हेतु दिये गये विकास सम्बन्धी बजट एवं प्रगति की उन्होंने समीक्षा भी की तथा उस बजट से 12 से 15 फीट के महिला एवं पुरूष शौचालय के निर्माण एवं उनके कार्यरत रहने की वास्तविक प्रगति भी पूछी। मण्डलायुक्त ने कहा कि पूरे क्षेत्र को चूंकि स्नान के दिनो के अलावा भी तीर्थयात्री एवं दर्शनयात्री आते रहते है इसी प्रकार प्रदेश के बाहर से भी प्रयाग आने वाले दर्शनार्थी श्रृंगवेरपुर भी आते है। अतः इस क्षेत्र का सर्वे करते हुए यथा आवश्यकता शौचालय का निर्माण कुम्भ मेले के बजट से भी करा लिया जाय। उन्होंने इलाहाबाद-लखनऊ मार्गो के अलावा कानपुर के हाइवे को भी श्रृंगवेरपुर को सीधे जोड़ने की योजना शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश पीडब्लूडी के अधिकारियों को दिये। मण्डलायुक्त ने मा. विधायक से शौचालय एवं पानी की टंकी बनाये जाने के कार्य विधायक निधि से कराये जाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि जिस भी संसाधन से उस क्षेत्र मे शौचालय एवं पेयजल की व्यवस्था की जाय उसमें पानी की व्यवस्था के लिए सबमर्सिबल पम्प, पानी की टंकी एवं सोलर लाइट की व्यवस्था साथ-साथ करायी जाय। मा. विधायक द्वारा उस क्षेत्र में विद्युत शवदाहगृह स्थापित किया जाये की मांग की गयी जिसके बारे मे बताया गया कि इलाहाबाद के गंगापार के बड़े क्षेत्र से शव इस धार्मिक स्थल पर जलाने के लिए लाये जाते है। अतः यह विद्युत शवदाहगृह यहां की एक अनिवार्य आवश्यकता है। मण्डलायुक्त ने क्षेत्रिय पर्यटन अधिकारी को यह निर्देशित किया कि श्रृंगवेरपुर में महोत्सव के साथ-साथ भारत सरकार से प्राप्त होने वाले बजट से इस क्षेत्र मे बुनियादी सुविधाओं के विकास की एक व्यवहारिक रूप रेखा बनाकर कार्य करे जिससे श्रृंगवेरपुर को विकास का एक ऐसा वातावरण तैयार हो जो देश-विदेश से आने वाले नागरिकों और पर्यटकों को प्रभावित कर सके। उक्त योजना से श्रृंगवरेपुर में टूरिस्ट फेसल्टी सेंटर को भी उच्चस्तरीय सुविधाओं के साथा संचालित करने की योजना प्रस्तुत करने के निर्देश क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी को दिये। इसके लिए मण्डलायुक्त ने जिम्मेदारी पर्यटन विभाग को सौपते हुए यह निर्देश दिये कि इसके लिए एक औपचारिक समिति गठित कर दी जाय जो श्रृंगवेरपुर में शौचालय, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था एवं सम्पर्क मार्ग इत्यादि सम्बन्धित आवश्यकताओं का अध्ययन कर उसे वहन करे। इस समिति के द्वारा ही प्रतिवर्ष श्रृंगवेरपुर में तीन दिवसीय महोत्सव का आयोजन किया जाय। जिससे उच्चस्तरीय सांस्कृति कार्यक्रमों के माध्यम से श्रृंगवेरपुर, प्रयाग एवं रामायण के सामाजिक एवं पौराणिक महत्व को जनता और पर्यटकों को अवगत कराया जाय। इस महोत्सव कमें सफाई, प्रकाश, शौचालय, पेयजल इत्यादिव मूलभूत सुविधाओं की व्यापक व्यवस्था किये जाय तथा आयोजन के लिए निर्धारित धनराशि का सर्वाधिक अंश सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं प्रदर्शनी इत्यादि पर व्यय करने का निर्देश मण्डलायुक्त ने दिया।

इस वित्तीय वर्ष में यह कार्यक्रम जनवरी के आखिरी सप्ताह मे आयोजित किये जाने की सम्भावना है। मण्डलायुक्त ने इस आयोजन को गम्भीरता से लेते हुए इसे प्रतिवर्ष माघ मेले अथवा कुम्भ मेले के अन्त में आयोजित करने की सलाह दी है जिससे मेले मे आये श्रद्धालु श्रृंगवेरपुर जाते हुए प्रयाग के पौराणिक तीर्थ स्थल तक अवश्य पहुंचे। मण्डलायुक्त को विधायक ने यह सुझाव दिया कि इस क्षेत्र में वन विभाग के सहयोग सघन वृक्षारोपण कराया जाय जिससे पर्यटकों का आकर्षित किया जा सके। मण्डलायुक्त ने सभी निर्देशों का अनुपालन तथा एक सुविचारित कार्ययोजना के साथ इस सम्बन्ध मे एक उच्चस्तरीय बैठक अपनी अध्यक्षता में बुलायी है। यह बैठक इलाहाबाद में नही बल्कि श्रृंगवेरपुर में ही होगी तथा सभी अधिकारी वही पहुंच कर न केवल बैठक में भाग लेंगे बल्कि अपने विभाग से सम्बन्धित विकास की जरूरतों को भी मौके पर रखेंगे। इस बैठक विधायक, क्षेत्रीय प्रतिनिधि को भी भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है।