सरकारी कर्मचारियों के साथ आम जनता को ठग रही योगी सरकार : नरसिंह

शशांक मिश्रा/इलाहाबाद | संगम प्लेस स्थित निदेशालय, स्थानीय निधि लेखा परिसर में राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष नरसिंह के नेतृत्व में मंगलवार को  पुरानी पेंशन बहाली सहित 32 सूत्रीय लम्बित मांगों एवं 50 वर्ष की आयु के कार्मिकों की जबरन अनिवार्य सेवा निवृति किये जाने संबंधी 06 जुलाई 2017 को जारी शासनादेश के मामले में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करते हुए आम सभा  की | सभा में उपस्थित कर्मचारियों को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष नरसिंह ने कहा कि प्रदेश की योगी सरकार कर्मचारियों, अधिकारियों तथा प्रदेश की आम जनता को ठगने का काम कर रही है।  एक तरफ तो सरकारी विभागों से कर्मचारियों, अधिकारियों का खात्मा करने का खड्यंत्र रच रही है तो दूसरी तरफ आम जनता को स्थायी रोज़गार देने की बात कर रही है। जबकि सच्चाई यह है कि सारी वयवस्था पूँजी पतियों के हांथों में सौंप कर नौजवानों, बेरोज़गारों को आउट सोरसिंग के माध्यम से तैनात कर तथा उन्हें पाँच-दस हज़ार महीना देकर उनका खून चूसने का काम यह सरकार बड़े पैमाने पर करने की योजना बना रही है।
नरसिंह ने यह भी बताया कि  मुख्यमंत्री  योगी ने दिनांक 21 मई 2013 को  संसद सदस्य के रूप में तत्कालीन मनमोहन सरकार को  पत्र भेजकर यह अनुरोध किया था कि “नई पेंशन वयवस्था के स्थान पर पुरानी पेंशन वयवस्था ही लागू रहने दिया जाय तथा इस अवधि में केंद्र तथा राज्य के कर्मचारियों के वेतन से काटी गई धनराशि उनके जी0पी0एफ0 खाते में व्याज सहित जमा कराई जाए।” अब योगी जी क्यों भूल गए अपना अनुरोध पत्र। अब तो उनकी मज़बूत सरकार केन्द एवं प्रदेश में दोनों जगह है। एक चुटकी में पुरानी पेंशन बहाल कर सकते हैं।लेकिन याद कराने पर भी अब याद नहीं आ रहा है।
जिलाध्यक्ष नरसिंह ने कर्मचारियों को सावधान करते हुए सचेत किया कि संघर्ष के लिये पूरा मन बना लीजिये और तैयार रहिये, किसी भी समय बड़े आंदोलन की घोषड़ा हो सकती है।
सभा में मूलचंद्र यादव, ओ0पी0 सिंह, शीतला प्रसाद श्रीवास्तव, श्याम सूरत पांडेय, राकेश बाबू गौतम, रणजीत सिंह, मो0 आरिफ, रामचंद्र यादव रामू, जितेंद्र कुशवाहा, त्रिवेणी प्रसाद सहित लोकल फण्ड निदेशालय के बड़ी संख्या में कर्मचारीगण उपस्थित रहे।