इलाहाबाद : माघ मेले में सफाई व्यवस्था का रिहर्सल हुआ सफल, कमिश्नर ने सफाईकर्मियों संग खिंचाई फोटो

शशांक मिश्रा/इलाहाबाद | इस वर्ष माघ मेला को कुम्भ मेला के रिर्हसल के रूप में लेते हुए कई नये प्रयोगों को इस वर्ष माघ मेले में आजमाया गया। उनमें सर्वाधिक प्रभावी सफाई व्यवस्था साबित हुयी है। मेले में हर प्रवेश मार्ग पर इस वर्ष लाइनर बैंगों से टाटा एस के द्वारा ट्रांसफर स्टेशन में खड़े काम्पेक्टर तक पहुंचाया जा रहा है तथा काम्पेक्टर के द्वारा इसे मेला क्षेत्र के बाहर भेज दिया जा रहा है। पिछले कई महीने से लगातार चल रहे मंथन का सफल प्रयोग आज मेले में देखने को मिला जिसमें मेला क्षेत्र में 9 टाटा एस गाडियां इन लाइनर लगे डस्टबिनों से कचड़ा उठाकर काम्पेक्टर तक पहुंचाती रहीं और भरे हुए काम्पेक्टर कचरे को मेला क्षेत्र से बाहर करते रहे। मेला क्षेत्र के सेक्टर 1 को कुम्भ का माडल सेक्टर बनाकर यह अभूतपूर्व प्रयोग किया गया जिसमें किये जा रहे कार्यो का निरीक्षण मण्डलायुक्त स्वंय डॉ. आशीष कुमार गोयल ने किया। उनके साथ अपर निदेशक स्वास्थ्य, यूपीएचएसपीसी की सलाहकार सलोनी गोयल, सीएमओ डॉ. आलोक वर्मा, सीडीओ सैमुअल पाल एन सहित अन्य अधिकारियों ने इस प्रक्रिया को नजदीक से जाकर देखा। सीएमओ ने बताया कि मेले क्षेत्र के सेक्टर 1 मे लाइनर लगे 1000 से अधिक डस्टबिन लगाये गये है तथा इसी प्रकार के डस्टबिन सभी एप्रोच रोड पर भी लगाये गये हैं। इन डस्टबिनों के भर जाने पर लाइनर बैगों को उठाकर टाटा एस गाडियों के द्वारा तीन बार निकाल कर तथा टाटा एस गाडिया संगम अपर क्षेत्र तथा परेड क्षेत्र में स्थापित ट्रासफर स्टेशन में खड़े काम्पेक्टर में कूडे का डम्प करती रही और काम्पेक्टर ने इसे मेला क्षेत्र के बाहर पहुंचा दिया । इस पूरी प्रक्रिया में ठोस कचड़ा कही भी बिखरा हुआ नजर नही आया तथा अच्छी भीड़ के बावजूद भी सेक्टर 1 का क्षेत्र लगातार साफ-सुथरा नजर आता रहा। मेला क्षेत्र में इस तरह सफाई व्यवस्था का सुनियोजित बंदोबस्त अभी तक सबसे पहले किया गया है जो सफल साबित हुआ है।

इसी प्रकार मेला क्षेत्र में स्नान घाटों के समीप तक बने शौचालय, मूत्रालयों और चेंजिग रूम से से निकलने वाले तरल कचड़े को भी फैलने से बचाकर पूरी तरह इस सेक्टर को स्वच्छ ऱखने में कामयाबी मिली है। इस क्षेत्र में फाइबर शीट के शौचालय तथा प्लास्टिक टंकियों के सेफ्टी टैंक के नये प्रयोग किये गये है। स्नान क्षेत्र में व्यापक तौर पर यूरीनल को लगा कर उनका तरल कचड़ा टंकियों मे एकत्र कर सक्शन मशीनों से टैंकर्स के द्वारा मेला क्षेत्र से बाहर डम्प कर दिये जाने की व्यवस्था की गयी है। जिससे मेला क्षेत्र को जल प्रदूषण तथा खुले में शौच से मुक्त रखने का एक नया अध्याय इस वर्ष माघ मेला से ही शुरू हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार इस शौचालयों व्यापक व्यवस्थआ के फलस्वरूप स्नान पर्व पर खुले में शौच को नब्बे प्रतिशत तक रोकने में सफलता मिली है। यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

इन सभी व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की टीम के साथ मण्डलायुक्त ने पूरी व्यवस्था के संचालन को नजदीक से परखा तथा सायंकाल तक इसके सफल प्रयोग पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और सफाई कर्मचारियों की पीठ थपथपाते हुए उन्हें इस ऩयी व्यवस्था के ऐतिहासिक संचालन बधाई दी है। मण्डलायुक्त ने कहा कि इस माघ मेला में की जा रही सफाई व्यवस्था के जो नये प्रयोग सफल साबित हो रहे हैं, उन्हें कुम्भ के आयोजन के दौरान पूरे मेला क्षेत्र में संचालित किया जायेगा। लाइनर लगे डस्टबिन से काम्पेक्टर तक ठोस कचड़ा पहुंचा देने में जो व्यवस्था माघ मेला के सेक्टर 1 में प्रयोग की गयी है यही व्यवस्था कुम्भ आयोजन के समय पूरे मेलाक्षेत्र में प्रयोग में लायी जायेगी। उन्होंने सफाई कर्मियों का हौसला बढ़ाते हुए उनके साथ ट्रासफर स्टेशन पर ग्रुप फोटो खिंचवाई तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की सराहना करते हुए इस कार्य में लगे सफाई कर्मियों को शाबासी भी दी।